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Friday, 30 October 2026
खरगोन

ब्रजधाम हवेली के पास सजेगा श्रद्धा का दरबार।  संजय मित्तल, निशा गोविन्द शर्मा और शिवम रावल की भक्ति प्रस्तुतियाँ।

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लाइव प्रसारण से घर-घर पहुँचेगी भक्ति की धारा।

अरदास संकीर्तन से वातावरण होगा आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर

*खरगोन* शहर एक बार फिर भक्ति के महासागर में डूबने जा रहा है। कंठाल्या मार्ग पर आयोजित होने वाला यह भव्य अरदास संकीर्तन एवं भजन संध्या केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और सामूहिक भक्ति का विराट उत्सव बनने जा रहा है। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे से प्रभु इच्छा तक चलने वाले इस दिव्य आयोजन में भक्ति की ऐसी गूंज उठेगी, जो पूरे शहर के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगी। विशेष बात यह है कि यह संकीर्तन केवल स्थल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंठालिया प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी इस पावन संगम से जुड़ सकेंगे।इस भजन संध्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्याति प्राप्त भजन गायक अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे। कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन गायक संजय मित्तल, जयपुर की भक्ति स्वर साधिका निशा गोविन्द शर्मा, तथा खरगोन के अपने ही प्रतिभाशाली गायक शिवम रावल जब प्रभु नाम का गुणगान करेंगे, तब पूरा परिसर “श्याम नाम”, “हरी नाम” और भक्ति रस से सराबोर हो उठेगा। यह संकीर्तन आध्यात्मिक शांति, भक्ति भाव और सामूहिक साधना का अनुपम अवसर प्रदान करेगा, जहाँ हर उम्र का श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रभु स्मरण का आनंद ले सकेगा।

कार्यक्रम में योगेश रंजीता मीना (खंडवा) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जबकि निवेदक के रूप में मदनलाल गिरधारीलाल कंठाल्या, कंठाल्या परिवार, तथा श्री तिरुपति बालाजी मित्र मंडल, खरगोन अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। आयोजन स्थल ब्रजधाम हवेली के पास, श्रीनाथ कॉलोनी, खरगोन को भव्य रूप से सजाया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालु एक साथ बैठकर भक्ति का सामूहिक आनंद ले सकेंगे और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक एकता का संदेश प्रसारित होगा। इस दिव्य आयोजन के पीछे श्याम लला, खरगोन की प्रेरणा और समर्पण जुड़ा है, वहीं कंठाल्या हर्बल एवं कंठाल्या प्रोडक्शन इस भक्ति महोत्सव को साकार करने में सहयोग दे रहे हैं। आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भक्ति संध्या का पुण्य लाभ लें, परिवार सहित भाग लें और प्रभु नाम के संकीर्तन से अपने जीवन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करें।

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