लाहौर में नौ स्थानों के नाम परिवर्तित कर विभाजन पूर्व के नाम अस्तित्व में आएं
दैनिक अनोखा तीर। हिन्दुस्तान में जहां शहरों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलें जा रहें हैं तो वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी अब यह सिलसिला शुरू हो गया है। हिन्दुस्तान में मुगलकाल से पहले जिन स्थानों को जिस धार्मिक नामों से पहचाना जाता था उन्हें वहीं पुरातन काल के नाम से परिवर्तित किया जा रहा है। जैसे इलाहाबाद को वापस प्रयागराज किया गया है। भारत सरकार द्वारा किए जा रहे इस नाम परिवर्तन का यहां विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देश पाकिस्तान में अब सरकार अपने गली मोहल्ले और चौक चौराहों तक के नाम विभाजन पूर्व के नाम पर परिवर्तित कर रही है। इस बदलाव के तहत विभाजन के बाद रखे गए इस्लामी या अन्य नामों को हटाकर उनके मूल हिंदू, सिख और ब्रिटिश काल के नाम वापस किए जा रहे हैं। जिसके तहत इस्लामपुरा को वापस कृष्णानगर कर दिया गया है।बाबरी मस्जिद चौक का नाम बदलकर फिर से जैन मंदिर चौक कर दिया गया है। रहमान गली का नाम राम गली कर दिया गया है। सुन्नत नगर को फिर से संत नगर का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा लक्ष्मी चौक, क्वीन रोड और लॉरेंस रोड जैसे स्थानों के ऐतिहासिक नामों को भी बहाल किया जा रहा है। अभी तक नौ स्थानों के नाम बदलें जा चुके हैं। वहीं अन्य स्थानों के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

