अनोखा तीर, मसनगांव। प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव कृषि रथ भेजे जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम में पहुंचे कृषि रथ के माध्यम से किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक पुष्पा झरिया ने बताया कि खेतों में पड़े उर्वरक को सक्रिय करने के लिए किसानों को पीएसबी एवं राइजोबियम कल्चर का उपयोग करना चाहिए। किसानों को स्वयं सोयाबीन बीज तैयार करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए तथा ब्रीडर बीज से स्वयं का बीज तैयार कर बोनी करना चाहिए। एडीओ जितेंद्र मंडलोई एवं कृषि विस्तार अधिकारी गणेश राजंने ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को खरीफ सीजन से पहले खेतों की मिट्टी की जांच कराने तथा कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुसार खाद की मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी। इस अवसर पर पंचायत सचिव नंदलाल बघेल उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि फसलों को आवश्यक पोषण सही मात्रा में मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है और भूमि की गुणवत्ता भी बनी रहती है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद का उपयोग लाभकारी होता है। इसके लिए ढैंचा, मूंग एवं बरसीम जैसी फसलों की बुवाई कर लगभग एक माह बाद उन्हें मिट्टी में मिला देने से भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है। अधिकारियों ने खरीफ फसलों में पीएसबी कल्चर, राइजोबियम कल्चर तथा ट्राइकोडर्मा के उपयोग पर भी जोर दिया। किसानों को बताया गया कि इन जैविक तत्वों को गोबर खाद में मिलाकर खेतों में छिड़काव करने से मिट्टी की सेहत सुधरती है तथा फसलों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेवा सहकारी समिति में किया गया, जहां ग्राम के दीपेश भायरे, मनीष भायरे, संदीप मुकाती सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
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