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Sunday, 18 October 2026
हरदा

गर्मी का असर :  रात में भी चल रहीं गर्म लपटें, हलकान हुए लोग

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अनोखा तीर, मसनगांव। क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन के साथ अब रात में भी गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं रात में भी गर्म लपटों जैसे हालात बने रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा देखने को मिल रहा है। तेज धूप और लू के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद भी गर्म हवा चलने से घरों के अंदर उमस बनी हुई है, जिससे लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। बिजली की आंख-मिचौली और गर्मी के कारण छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं मरीज सबसे अधिक परेशान नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही। देर रात तक लोग घरों की छतों और आंगनों में बैठे रहने को मजबूर हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष राहत मिलने की संभावना कम है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, अधिक पानी पीने तथा आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। लगातार बढ़ रही गर्मी से पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं और जल स्रोतों पर उनकी आवाजाही बढ़ गई है।
ग्लोबल वार्मिंग का असर
गर्मी का कारण ग्लोबल वार्मिंग का असर माना जा रहा है। पेड़ों के अंदर कटाई सीमेंट कंक्रीट के बढ़ते प्रयोग से लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है। जिससे हर साल गर्मी के दिनों में बैसाख और ज्येष्ठ के महीने में भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। गर्मी के कारण जहां मानव स्वास्थ्य पर असर पहुंच रहा है वही मवेशी और वन्य जीव भी प्रभावित हो रहे हैं। दोपहर में तेज धूप होने से पशु पक्षी जानवर सभी पेड़ पौधों की छांव की तलाश में रहते हैं। सुबह 10 बजे से ही तेज धूप के कारण गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों के दिनचर्या प्रभावित हो रही है। जिन खेतों में मूंग की कटाई चल रही है वहां पर मजदूर भी दोपहर 12 बजे से लेकर 3  तक पेड़ के नीचे छांव में आराम फरमाते नजर आते हैं।
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