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Thursday, 5 November 2026
यह बात गलत है

यह बात गलत है

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आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर का नया बस स्टैंड है। जहां जगह-जगह अव्यवस्थाओं का अंबार दिखाई देगा। जिसके चलते यहां पहुंचने वाले यात्री खासकर बाहरी लोगों को असुविधाओं से दो-चार करने की मजबूरी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अलसुबह से बस स्टैंड का खुला बरामदा वाहन पार्किंग में तब्दील हो जाता है। जिसके चलते आवाजाही पर बुरा असर तो होता ही है, साथ में यात्रियों की बैठक व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। ऐसे में यात्रियों को खड़े रहकर समय गुजारने की मजबूरी रहती है। इन सबके अलावा सालों पुराना नेताजी सुभाष चन्द बोस नया बस स्टैंड अब जीर्णशीर्ण होने लगा है। भवन की दीवारे जगह-जगह से दरक रही हैं। वहीं छत का प्लास्टर के टुकड़े आए दिन जमीन पर टपकते रहते हैं, जो कहीं ना कहीं अप्रिय हादसे का संकेत है। हालांकि, नगर पालिका ने नया बस स्टैंड का कायाकल्प करने के लिये प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है, जो कि जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है। शासन की हरी झंडी मिलते ही रास्ता साफ हो जाएगा। इधर, ये भी सच है कि इन सब लेटलतीफी के चलते लोग दो टूक बोल देते हैं, कि यह बात गलत है।

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