Skip to content
Wednesday, 4 November 2026
हरदा

 स्कूलों में लगे जागरूकता शिविर, बच्चों को बताए अधिकार

2 min read
10 1
Text Size:

– बाल शोषण, बाल विवाह, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

अनोखा तीर, हरदा। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सेंट मैरी स्कूल, डॉ. भीमराव अंबेडकर उत्कृष्ट विद्यालय हरदा और शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय खिरकिया में कार्यक्रम हुए। सेंट मैरी स्कूल में विशेष न्यायाधीश जयदीप सिंह ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण और बाल तस्करी से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों से भी अवगत कराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना रूसिया ने गुड टच-बैड टच, बाल विवाह की रोकथाम और चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली समझाई। वहीं, डॉ. भीमराव अंबेडकर उत्कृष्ट विद्यालय में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश निसार अहमद ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी तरह के शोषण या अनुचित व्यवहार के खिलाफ बिना डर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित मालवीय ने कहा कि गलत गतिविधि या शोषण की स्थिति में चुप न रहें और अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बाल सहायता के लिए 1098, साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए 15100 नंबर की उपयोगिता बताई। कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास विभाग और साइबर विभाग के प्रतिनिधियों ने भी बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और बाल संरक्षण के उपाय बताए। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें जागरूक किया गया। अभियान के तहत खिरकिया के शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय में भी न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहित श्रीवास्तव की उपस्थिति में शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।

0 Views
What do you think?

Leave a Reply