एक सोच विभीषण बांह गहे को
– डॉ. जगदीश सूचिक साहित्यकार, भुसावल आदरणीय भैया अजातशत्रु उर्फ राधेश्याम यादव के बारे में कुछ कहना लिखना बतलाना ठीक…
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– डॉ. जगदीश सूचिक साहित्यकार, भुसावल आदरणीय भैया अजातशत्रु उर्फ राधेश्याम यादव के बारे में कुछ कहना लिखना बतलाना ठीक…
– नवीन उपाध्याय ब्यूरो-यूएनआई अजातशत्रु जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर पर लिखना अभिव्यक्ति की अग्नि परीक्षा है। बचपन से…
– रमेश सुगंधी कवि व साहित्यकार, हरदा प्रोफेसर आर.एस. यादव से मेरी मुलाकात या परिचय मेरे मित्र शिवलाल यादव के…
– अनिल दुबे अधिवक्ता, हरदा कल अचानक से मेरे पास प्रहलादजी शर्मा का फोन आया। दुआ सलाम के बाद उन्होंने…
– प्रो. धर्मेेेंद्र पारे निदेशक, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स, भोपाल। आने वाली नस्लें…
अजात शत्रु जी के पाठक हैं लाखों में – अशोक मनवानी, भोपाल स्कूली जीवन से मैंने फिल्मी गीतों पर लगातार…
‘रहता हूं वीराने में तन्हाई के सहारे, जैसे हो कोई मंदिर किसी गांव के किनारे।Ó प्रोफेसर अजातशत्रु पर लिखना आसान…
अजात शत्रु उसे कहते है जिसका कोई शत्रु न हो। इसी उपनाम से लेखन करने वाले प्रोफेसर आरएस यादव उर्फ…