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Thursday, 5 November 2026
सीहोर

त्यौहार पर बस संचालकों की मनमानी, दोगुना से तीन गुना तक वसूल रहे किराया

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भैरूंदा। एक और रक्षा बंधन त्यौहार पर प्रदेश सरकार हो या अन्य राज्यों की सरकार महिलाओं को मुफ्त सफर कराने की सौगात दे रहे है। ठीक इसके विपरीत निजी बस संचालक छूट की बात तो दूर रक्षाबंधन पर्व मनाने आ रही बहनों से दो से तीन गुना किराया वसूलने में कोई परहेज नही कर रहे है। जिसका नजारा पिछले एक सप्ताह से नगर के बस स्टेंड पर देखने को मिल रहा है। लेकिन परिवहन विभाग के द्वारा इस मसले पर कोई कार्यवाही नही की जाती। हालात यह है कि रक्षा बंधन के मौके पर अपने मायके त्यौहार मनाने आने वाली महिलाओं को निर्धारित किराये से दो से तीन गुना अधिक किराया देना पड़ा है। केवल भैरूंदा शहर ही नही बल्कि मध्यप्रदेश के हर शहर की स्थिति बनी हुई थी। बावजूद इसके मध्यप्रदेश शासन के द्वारा इस पर संज्ञान नही लिया गया और बस संचालकों की मनमानी रक्षाबंधन पर्व के 3 दिन बीतने के बाद भी जारी रही। जानकारी के मुताबिक भैरूंदा से इंदौर का किराया 250 रूपये लगता है। लेकिन कई बस संचालकों ने 300 से 500 रूपये तक का किराया सवारियों से वसूला। स्थिति यह थी कि बस संचालकों ने 2 सवारी के बीच एक सीट उपलब्ध कराई। किराया अधिक देने के बावजूद भी यात्रियों को सीट भी मुहैया नही कराई गई। जिसे लेकर यात्रियों में परिवहन विभाग व सरकार के प्रति रोष की स्थिति है। यह स्थिति रक्षाबंधन के 2 दिन पूर्व ही शुरू हो चुकी थी। इंदौर से भैरूंदा तक सफर करने वाली महिलाओं को मनमाना किराया देना पड़ा और उन्हें 4 घंटे का लंबा सफर खड़े-खड़े ही तय करना पड़ा। इस मामले में हरदा के एक यात्री के द्वारा इंदौर से हरदा की और चलने वाली यादव बस सर्विस में त्यौहारी सीजन का फायदा उठाते हुए अधिक किराया वसूलने की शिकायत की गई थी। जिस पर हरदा आरटीओ ने संज्ञान लेते हुए यादव बस संचालक को नोटिस जारी किया। वहीं सीहोर आरटीओं ने भी पत्रकारों की शिकायत पर बस बस टिकट का फोटो तो बुला लिया है लेकिन कार्यवाही के नाम पर किसी भी बस संचालक के विरूद्ध कार्यवाही समाचार लिखे जाने तक नही की गई है। वहीं बस संचालकों ने परिवहन विभाग की कार्यवाही से बचने के लिए यात्रियों से अधिक वसूले गए पैसे की टिकट तो दी है लेकिन टिकट में यह अंकित नही किया गया कि यात्री कहा से कहा तक सफर कर रहा है।

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