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Wednesday, 4 November 2026
भोपाल

सतना पूरे देश में दिव्यांगजनों को सर्वाधिक मोटराइज्ड ट्रायसिकिल देने वाला जिला बना

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सतना के बीटीआई ग्राउण्ड में दिव्यांग सहायता के लियेविशाल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राज्य सरकार और कोल इण्डिया लिमिटेड के सीएसआर मद से जिले के 212 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मोटराइज्ड ट्रायसिकिल वितरित की गई। शिविर में सतना सांसद  गणेश सिंह मौजूद थे।

सांसद श्री सिंह ने कहा कि जिले में एडिप योजना में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्रायसिकिल वितरित करने का सिलसिला नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जिले के दिव्यांगजनों को स्व-रोजगार से जोड़ने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास राज्य सरकार की ओर से लगातार किये जाते रहेंगे। सांसद श्री सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को पात्रता अनुसार नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जायेगा। इनके आयुष्मान कार्ड बनाकर दिये जायेंगे। सतना जिले में पिछले 5 वर्षों में दिव्यांगजनों को 1517 मोटराइज्ड ट्रायसिकिल, 699 हस्त-चलित ट्रायसिकिल, 903 व्हील-चेयर, 1313 श्रवण यंत्र, 1751 कृत्रिम अंग केलीपर्स, 1004 बैसाखी, 463 दृष्टिबाधित स्मार्ट केन और स्मार्ट फोन वितरित किये गये हैं। शिविर के आयोजन में कृत्रिम अंग निर्माण निगम एलिम्को जबलपुर और नार्दन कोल फील्ड सिंगरौली की ओर से एक करोड़ रूपये की राशि की मदद भी दी गई। शिविर में सतना नगर निगम महापौर  योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष  रामखेलावन कोल एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

करीमुन निशा को मिली मोटराइज्ड ट्रायसिकिल

राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाएँ सभी आयु वर्ग के हितग्राहियों के जीवन को सुगम बनाने में वरदान साबित हो रही हैं। सतना जिले की जनपद पंचायत रामपुर बघेलान के सज्जनपुर की रहने वाली 45 वर्षीय दिव्यांग सुश्री करीमुन निशा नि:शुल्क मोटराइज्ड ट्रायसिकिल पाकर बेहद खुश हैं। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता करीमुन निशा दोनों पैर से दिव्यांग होने के कारण तकलीफ में थीं। मोटराइज्ड ट्रायसिकिल मिलने से उनकी परेशानी दूर हो गई है। पूर्व में उन्हें आँगनवाड़ी केन्द्र और अन्य जगह आने-जाने में कठिनाई होती थी। तकलीफ के बावजूद भी वे स्कूटी नहीं खरीद पा रही थीं। उन्होंने राज्य सरकार की इस योजना के लिये अपनी ओर से धन्यवाद भी दिया है।

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