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Saturday, 24 October 2026
खंडवा

शहर में 12 साल से बन रहा स्विमिंग पूल अब तक अधूरा

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जिम्मेदार बोले जल्द मिलेगी शहरवासियों इसकी सौगात

खंडवा- शहर में 12 साल से बन रहा स्विमिंग पूल अब तक अधूरा है। जनभागीदारी से इसके निर्माण की शुरुआत हुई थी। लागत कई गुना बढ़ी। दावे किए गए कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। लेकिन, दावों के उलट ये स्वीमिंग पूल उपयोग योग्य ही नहीं बन पाया। अब तैराकी सीखने के लिए नदी ही खंडवावासियों का सहारा बनी हुई है। यहां खासतौर से महिला वर्ग को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि खंडवा में ये मुद्दा फिर से सुर्खियों में है।

खंडवा के इस स्विमिंग पूल के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2012 में करीब सवा करोड़ रुपए से हुई। जनता के सहयोग एकत्रित राशि से निर्माण शुरू हुआ था। पीडब्ल्यूडी ने काम अधूरा छोड़ा। फिर नगर निगम ने इसे हस्तांतरित कराया और इसे अंतरराष्ट्रीय मापदंड से तैयार कराने का दावा किया। शासन से राशि स्वीकृत कराई। अब तक करीब 5 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं। 12 साल बीत जाने के बावजूद भी यह स्विमिंग पूल अधूरा पड़ा है। 5 साल पहले इस निर्माणाधीन स्विमिंग पूल की छत गिर गई थी। उसके बाद इसके वाटर टैंक में भी लीकेज आने लगे। कई बार इसकी डीपीआर बदली गई। आज इसकी लागत प्रारंभिक काल से दोगुना से ज्यादा हो गई है।
आमजन मांग कर रहे हैं कि जल्द स्वीमिंग पूल का काम पूरा हो, ताकि तैराकी का हुनर सीखने वालों को मंच मिले।

स्थानीय निवासी हुकुम मेलुन्दे बताया कि आबना नदी के गणगौर घाट पर बच्चे, महिलाएं और पुरुष स्विमिंग सीखने आते हंै। यहाँ असामाजिक तत्वों के जमावड़े के बीच महिलाओं को बहुत कुछ झेलना पड़ता है। स्विमिंग पूल होगा तो नदी पर होने वाली शर्मिंदगी से बच पाएंगी, असमाजिक तत्वों की छींटाकशी से भी बच पाएंगी। बच्चों के परिजन अधूरे स्विमिंग पूल को रोज इस उम्मीद में देखने आते है कि यह पूरा हो जाये तो हमारे बच्चे भी तैराकी सीख लें।
इस मामले में राजनीति भी खूब हो रही है। नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर ने कहा नगर निगम के राजनीति करने वाले इस स्विमिंग पूल के बहाने लगातार भ्रष्टाचार करते आ रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस ने यहां अनोखा विरोध प्रदर्शन कर अधूरे स्विमिंग पूल का फीता काटा था और पूल में पानी से भरी बाल्टी लेकर नहा भी चुके हैं। हालात नहीं बदले।
महापौर का कहना है कि विपक्ष सिर्फ आरोप लगाने की राजनीति कर सकता है। मैंने एमआइसी सदस्यों और निगम के अधिकारियों के साथ स्विमिंग पूल निर्माण कार्य का अवलोकन किया है। संबंधित इंजीनियर को जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। संभवत: दीपावली के पूर्व स्विमिंग पूल बनकर तैयार हो जाएगा और हम शहरवासियों को इसकी सौगात देंगे।

इधर, जिला प्रशासन का कहना है कि स्वीमिंग पूल के निर्माण की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके लीकेज दुरुस्त कराए जा रहे हैं। इसके बाद ही यहां के अन्य काम पूरे कर लोगों के लिए इसे शुरू किया जाएगा।
स्वीमिंग पूल का कई साल तक निर्माण पूरा नहीं होना सवालों की एक फेहरिस्त तैयार करता है। इन सवालों के जवाब कब मिलेंगे, यह तो जिम्मेदार भी दावे से नहीं बता पा रहे हैं। जनता को एक स्विमिंग पूल नहीं मिल रहा है, जिम्मेदार लीकेज दुरुस्त नहीं कर पा रहे हैं।

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