-42 पटवारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी
अनोखा तीर, खंडवा। ग्रामीण परिवारों को संपत्ति अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की अनूठी पहल के रूप में स्वामित्व योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि पर संपत्ति अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में पटवारियों की मैदानी जानकारी, राजस्व अभिलेखों का ज्ञान तथा ग्रामीणों से सीधा संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पटवारियों से अपेक्षा की गई है कि वे जिम्मेदारी एवं टीम भावना के साथ योजना के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं, तथा अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके संपत्ति अधिकार संबंधी दस्तावेज समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने में सहयोग करें। स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन हेतु अभियान में शासन निर्देशों की अवहेलना करने एवं उदासीनता बरतने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा कुल 16 पटवारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि इनमें खंडवा तहसील के चार, पंधाना तहसील के तीन, मूंदी तहसील के दो, पुनासा तहसील के चार, खालवा तहसील के दो तथा हरसूद तहसील का एक पटवारी शामिल है।
कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि जो पटवारी निलंबित किए गए हैं उनमें तहसील खंडवा के रविन्द सेल्दे, अमित गंगराडे, नेपाल गिरवाल, राजेश मण्डलोई, पंधाना तहसील के संजीव पटेल, भरत सोनटक्के, सुनिल पाराशर, मूंदी तहसील के पलक गौतम, मयुर घोसले, पुनासा तहसील के अशोक अत्रे, अनोपसिंह ठाकुर, अतुलसिंह कुशवाह, मुकेश कलम, खालवा तहसील के सुनिल पाटील, अनिल कास्डे तथा हरसूद तहसील के कमलचन्द बावनिया शामिल हैं। कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा कुल 42 पटवारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे प्राप्त जवाबों के आधार पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
स्वामित्व योजना के संबंध में निर्देशों का पालन न करने वाले 16 पटवारी निलंबित






