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Saturday, 24 October 2026
खंडवा

स्वसहायता समूह से महिलाओं ने तय किया कंपनी तक का सफर

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अनोखा तीर, खंडवा। जिले की ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भर की एक मिसाल पेश की है। आजीविका मिशन से जुड़कर पहले महिलाओं ने छोटे-छोटे समूह बनाए और कड़ी मेहनत एक कंपनी खड़ी कर दी। घर के चूल्हे-चौके और खेत में मजदूरी ही जिनकी नियति थी, अब इन्होंने शासकीय योजना का लाभ लेकर अपने आत्मबल से जीवन में बढ़ा बदलाव किया है। महिलाओं ने कृषि नमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गुरुवार को जनप्रतिनिधि व अधिकारियों की मौजूदगी में विधिवत शुभारंभ किया। घर और खेतों में काम करने से निकलकर कंपनी की मालिक बनने तक के सफर में इन महिलाओं ने न सिर्फ अपना जीवन बदला है, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार का रास्ता भी खोला है। इन महिलाओं ने खुद के जीवन में बदलाव तो लाया ही है। साथ ही इनकी पहल से किसानों की आय भी इजाफा होगा। कुसुम की खेती से शुरूआत कर औषधीय फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए कंपनी बना कर इन महिलाओं ने बड़ी कंपनियों से साझेदारी कर ली है। जिले की ये महिलाएं जो कभी घर के कामों में व्यस्त हुआ करती थीं या मजदूरी करती थी। लेकिन, इन्होंने बदलाव की पहल की। आजीविका मिशन के तहत समूह बनाए और मुर्गी पालन, पोषण वाटिका, जैविक खाद तैयार करने जैसे काम किए। धीरे-धीरे महिलाएं जुड़ने लगीं और समूह बढ़ने लगे। फिर इन्होंने औषधीय फसलों की तरफ कुसुम की खेती के माध्यम से कदम बढ़ाए। 125 किसानों के साथ प्रायोगिक खेती शुरू की। अब 1 हजार किसान जुड़ने के लिए पंजीयन करा चुके हैं। न सिर्फ कुसुम बल्कि सुपर फूड चिया, अश्वगंधा, सतावरी, वन तुलसी, कलौंजी, बहेड़ा, हरड़ सहित अन्य पर भी काम किया। अब औषधीय फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए कृषि नमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का पंजीयन किया गया है। लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में खंडवा आए मुख्यमंत्री ने कुसुम के खेती से निकले प्रोडक्ट की चाय पी थी, जो उन्हें अच्छी लगी थी। उसके बाद उन्होंने इन महिलाओं की हौसला अफजाई की थी और अफसरों से कहा था कि इस पहल को आगे बढ़ाएं। अब प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी इन महिलाओं ने प्रेजेंटेशन दिए। गोवा में इनके काम को सराहा गया। समूह से लोन लेकर, सामुदायिक फंड निवेश कर और सदस्यता की राशि जुटाकर बनी महिलाओं की कंपनी यहां के किसानों को उपज विक्रय का बाजार भी उपलब्ध करा रहीं हैं। साथ ही प्रोसेसिंग और बाय प्रोडक्ट भी तैयार कर रहीं हैं।

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