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Friday, 30 October 2026
बैतूल

अमृत सरोवर बने मत्स्योत्पादन के साधन

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मछली पालन से आत्मनिर्भर हो रहीं स्व सहायता समूह की महिलाएं
बैतूल- जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत अमृत सरोवर तालाबों का निर्माण कराया गया है। उक्त निर्मित कराये गये तालाबों में आय अर्जन हेतु मछली पालन का कार्य भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में चिचोली विकासखंड के ग्राम असाड़ी में म.प्र. डे राज्य ग्रामीण आजीविका के अंतर्गत संचालित बजरंग आजीविका स्वयं सहायता समूह की पांच महिला सदस्यों द्वारा अपने परिवार की आजीविका में वृद्धि करने के लिए अमृत सरोवर तालाब में मछली पालन कार्य करने का प्रस्ताव महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में दिया गया। उक्त प्रस्ताव के तहत बजरंग आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा ग्राम असाड़ी में ही निर्मित अमृत सरोवर तालाब में मछली पालन का कार्य शुरू किया गया। जुलाई 2022 में बजरंग आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों द्वारा कुल 30 हजार रूपये का 30 हजार नग मछली बीज उक्त तालाब में छोड़ा गया। एक वर्ष के भीतर ही समूह की महिलाओं ने लगभग 124 क्विंटल मछली को 225 रूपये प्रति किलो के भाव से बेचा। जिससे उनके परिवारों की आजीविका में वृद्धि हुई। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सिन्धु विश्वकर्मा एवं सचिव श्रीमती पिंकी कुमरे इस संबंध में बात करते हुए बताती हैं कि पहले हमारे समूह से जुड़े परिवार मजदूरी एवं खेती करके ही अपनी गुजर बसर करते थे किन्तु आजीविका मिशन से जुडऩे के बाद शासन की अन्य योजनओं का भी लाभ हमें मिलने लगा है। इसी के तहत हमें मनरेगा योजना के अन्तर्गत अमृत तालाब में मछली पालन का कार्य करने एवं अपने परिवार की आजीविका में वृद्धि करने का अवसर प्राप्त हुआ है। अब हम स्वयं आत्मनिर्भर हो रहे हैं। इनकी सफलता से प्रेरित होकर 24 अप्रैल 2023 को रीवा जिले में आयोजित पंचायती राज कार्यक्रम में बजरंग आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सिन्धु विश्वकर्मा एवं सचिव श्रीमती पिंकी कुमरे को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।

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