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Monday, 26 October 2026
बैतूल

माइन क्लोजर फंड से प्रभावित पंचायतों में आजीविका और अधोसंरचना विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

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कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने माइन क्लोजर एडवाइजरी कमेटी की बैठक में दिए निर्देश

 


 

      कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की अध्यक्षता में माइन क्लोजर एडवाइजरी एक्टिविटी के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए सभी माइन क्लोजर कार्यों के फंड का व्यवस्थित आंकलन कर प्रभावित पंचायतों में विकास एवं आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। कार्ययोजना में संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री गणेश जायसवाल, जिला खनिज अधिकारी श्री मनीष पालेवाल, प्रबन्धक एनआरएलएम श्री सतीश पवार सहित डब्ल्यूसीएल के पदाधिकारी, सरपंच, सचिव उपस्थित रहें।

   कलेक्टर ने कहा कि छतरपुर 2, शोभापुर और सतपुड़ा 1 के माइन क्लोजर के तहत प्रभावित सभी 7 ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन, स्किल डेवलपमेंट, इको टूरिज्म, सोलर एनर्जी, महिला सशक्तिकरण, सस्टेनेबल लिविंग एवं पौधरोपण जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डब्ल्यूसीएल द्वारा सीएसआर के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियां जिला सीएसआर समिति के अनुमोदन के उपरांत ही संचालित की जाएं, ताकि कार्यों की पुनरावृत्ति न हो और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

महुआ, तेंदूपत्ता और फलदार पौधों का किया जाए रोपण

      कलेक्टर ने माइन क्लोजर के अंतर्गत पौधरोपण कार्यों को पूरी तरह व्यवस्थित एवं डिमार्केशन के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए महुआ, तेंदूपत्ता एवं फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं, जिससे भविष्य में ग्रामीणों को इनसे संग्रहण एवं आजीविका के अवसर भी प्राप्त हो सकें। उन्होंने वाटर स्ट्रक्चर के निर्माण के दौरान जल संरचनाओं को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने तथा अधिक से अधिक जल संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आजीविका गतिविधियों को बाजार से जोड़ने पर जोर

      बैठक में टेरी संस्था द्वारा भोगीखापा, छतरपुर एवं शोभापुर में संचालित सिलाई, सेनेटरी नैपकिन निर्माण, ऑर्गेनिक फार्मिंग एवं वर्मी कंपोस्ट जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने इन गतिविधियों को बेहतर मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए आजीविका कार्य स्थायी रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने उत्पादों के लिए वेंडर एवं बाजार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आजीविका गतिविधियों का बड़े स्तर पर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक संख्या में लोगों को स्थायी रोजगार एवं आय के अवसर मिल सकें।

      कलेक्टर ने शोभापुर स्थित कम्युनिटी हॉल को सीएसआर के माध्यम से विकसित करने के निर्देश डब्ल्यूसीएल अधिकारियों को दिए। साथ ही समूह की महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़कर अपनी कार्यक्षमता एवं आजीविका के अवसरों का विस्तार कर सकें।

     बैठक में अंडर द ट्री संस्था द्वारा मधुमक्खी पालन की अच्छी प्रैक्टिस पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं द्वारा माइन क्लोजर के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे विभिन्न विकास एवं आजीविका संबंधी कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। उन्होंने विक्रमपुर में सड़क, छतरपुर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

 

 

शिक्षा संजीवनी अभियान में सहभागी बने डब्ल्यूसीएल

कलेक्टर ने शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत माइनिंग प्रभावित पंचायतों के शासकीय विद्यालयों के उन्नयन में डब्ल्यूसीएल को सक्रिय सहभागिता करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना एवं शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने डिजिटल लर्निंग सेंटर, प्रीकम स्कूल एक्टिविटी के बड़े प्रोजेक्टर सीएसआर से प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।

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