अनोखा तीर, मसनगांव। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन पर एक बार फिर बीमारी का साया मंडराने लगा है। मौसम साफ होते ही क्षेत्र के कई खेतों में सोयाबीन के पौधे पीले पड़कर सूखने लगे हैं। खासकर 2117, 2172 और 2555 प्रजाति की फसल में बीमारी के लक्षण दिखाई देने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक सोयाबीन की फसल अब ऐसी अवस्था में पहुंच रही है, जब पौधों में दाना भरने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसी समय पौधों का अचानक पीला पड़ना और सूखना फसल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अच्छी फसल की उम्मीद थी, अब बढ़ी चिंता
फार्मर आईडी में तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में वर्तमान में सामने आ रही फार्मर आईडी से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ का कहना है कि फार्मर आईडी के कार्य में गलत खसरे हटाने, सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों, सर्वर के सुचारू रूप से काम नहीं करने सहित कई व्यवहारिक परेशानियां सामने आ रही हैं। इन समस्याओं का राज्य स्तर पर समुचित समाधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न जिलों में पटवारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। पटवारी संघ ने ऐसी कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि तकनीकी समस्या का खामियाजा मैदानी स्तर पर काम करने वाले पटवारियों को भुगतना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि पहले तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और उसके बाद ही कार्य की जवाबदेही तय की जाए।
फसल गिरदावरी में जियो टैग हटाने की मांग
ज्ञापन में खरीफ फसल गिरदावरी का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने बताया कि वर्तमान में फसल गिरदावरी का कार्य लोकल यूथ के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन कई ग्रामों में लोकल यूथ द्वारा गिरदावरी नहीं किए जाने अथवा उनकी नियुक्ति नहीं होने के कारण यह जिम्मेदारी पटवारियों पर आ रही है। पटवारी संघ ने मांग की कि यदि पटवारी स्तर पर फसल गिरदावरी का कार्य कराया जाता है तो उसमें जियो टैग की अनिवार्यता हटाई जाए, क्योंकि इस संबंध में तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर कई कठिनाइयां सामने आ रही हैं। संघ के अनुसार, इस मांग को लेकर पूर्व में भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है और भोपाल में हुई बैठक में भी इस पर सहमति व्यक्त की गई थी, लेकिन अब तक समस्या का उचित समाधान नहीं हुआ है।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने शासन से पटवारियों की हड़ताल अवधि के वेतन का भुगतान, कैडर रिव्यू कमेटी के गठन का आदेश, पदाधिकारियों के नीति विरुद्ध स्थानांतरण निरस्त करने, फार्मर आईडी की तकनीकी समस्याओं का निराकरण तथा पटवारी स्तर की फसल गिरदावरी से जियो टैग हटाने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर के पटवारी फार्मर आईडी से संबंधित कार्यों से विरत रहने का निर्णय ले सकते हैं। साथ ही किसी भी जिले में पटवारियों के विरुद्ध दमनात्मक अथवा दंडात्मक कार्रवाई किए जाने पर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। संघ ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति के लिए शासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर जिला सचिव सुनील शर्मा, फूलसिंह उईके, शिवनारायण बघेल, जितेंद्र दुबे, राजनारायण बट्टी, जितेंद्र ठाकुर, जवाहर पटेल, गणेश सेजकर, मनीष कुशवाहा सहित जिले के अनेक पटवारी उपस्थित रहे। पटवारियों ने प्रशासन से उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को आ रही परेशानियों से राहत दिलाने की मांग की।




