कलेक्टर डॉ. सोनवणे की अगुवाई में पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा बरसाली
देश का स्वतंत्रता दिवस इस बार एक बेहद अनूठे और ऐतिहासिक स्थान पर मनाने की तैयारी कर लीजिये। भारत माता को नमन करने का यह अवसर आप पा सकते हैं भारत के केंद्र में स्थित मध्यप्रदेश के बैतूल से 15 किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्थल बरसाली का भ्रमण करके।
नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल वैज्ञानिक सारिका घारू ने बैतूल जिले के बरसाली गांव के खगोलीय और भौगोलिक महत्व को उजागर करते हुए देशवासियों से अपील की है कि वे इस 15 अगस्त को भारत के इस वास्तविक मध्य बिंदु पर आकर भारत माता को नमन करें। सारिका ने बताया कि बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के मार्गदर्शन में इस समय बरसाली के प्राकृतिक सौंदर्य और इसकी भौगोलिक विशेषता को देश के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से उभारने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने गणितीय आंकड़ों के साथ बताया कि भौगोलिक दृष्टि से सम्पूर्ण भारत का अंतिम दक्षिणी बिंदु ग्रेट निकोबार द्वीप का इंदिरा पॉइंट है, जिसका अक्षांश 6° 45′ एन है। वहीं, देश का उत्तरी बिंदु लद्दाख का इंदिरा कोल है, जिसका अक्षांश 37° 6′ एन है। इन दोनों छोरों के ठीक बीच का सटीक गणितीय मध्य बिंदु 21° 55′ 30” एन अक्षांश निकलकर आता है, जहाँ बैतूल का बरसाली गाँव स्थित है। यह महत्वपूर्ण स्थान बैतूल रेलवे स्टेशन से पूर्व दिशा में मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ बरसाली नाम का अपना रेलवे स्टेशन भी है, जिससे यहाँ पहुँचना बेहद सुगम है।



