–14 सूत्रीय मांगों को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतरे, कई मुद्दे उठाए
अनोखा तीर, बैतूल। किसानों और स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को बैतूल जिला मुख्यालय पर कांग्रेस के किसान न्याय आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा के नेतृत्व में सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ जन आक्रोश रैली निकाली गई। प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मनमाने फैसलों का आरोप लगाते हुए पुतला दहन किया। इसके बाद लल्ली चौक पर पुतले को प्रतीकात्मक रूप से फांसी दी गई। आंदोलन की खास बात यह रही कि आमसभा के मंच पर राजनीतिक नेताओं के बजाय किसानों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसानों ने फसल, बिजली, खाद, बीमा और अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़ी अपनी परेशानियां साझा कीं। इसके बाद पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया। कांग्रेस के अनुसार, आंदोलन की तैयारी के लिए 26 से 29 सितंबर तक जिले के विभिन्न ब्लॉक, उप-ब्लॉक, नगर और मंडलम क्षेत्रों में जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था।
सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ निकली रैली
सुबह से ही गंज स्थित आभाश्री होटल के सामने वृंदावन गार्डन में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे आमसभा के बाद सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ जनरैली निकाली गई। रैली बाबू चौक, मस्जिद चौक, दिलबहार चौक, टांगा स्टैंड, रसोई रेस्टोरेंट, गंज, कोठी बाजार और बस स्टैंड होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद रैली शिवाजी चौक से कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 14 सूत्रीय ज्ञापन में कांग्रेस ने किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। इनमें मक्के का समर्थन मूल्य 3 हजार रुपए, धान का 3,500 रुपए, गन्ने का 700 रुपए और सोयाबीन का 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर खरीदी की गारंटी देने की मांग शामिल है। कांग्रेस ने फसल बीमा की राशि खसरा-वार व्यक्तिगत रूप से किसानों को दिए जाने तथा बंदरों और जंगली सुअरों से फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग भी रखी।
बिजली, खाद और सिंचाई से जुड़े मुद्दे
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, पुराने मीटर हटाने, खाद की कीमतें कम करने और ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई। कांग्रेस ने ग्राम पंचायत स्तर पर सोसाइटी के माध्यम से खाद वितरण और खाद की कालाबाजारी पर निगरानी की मांग भी रखी। सिंचाई के लिए दिन में लगातार 14 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, दूध का भाव 60 रुपए प्रति लीटर करने तथा रबी फसल से पहले नहरों की टेल पॉइंट तक मरम्मत कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
वनग्रामों के पट्टे और विस्थापन का मुद्दा
कांग्रेस ने वनग्रामवासियों का सर्वे कर उन्हें भूखंड के पट्टे देने तथा ग्राम बडोरी के काबिज आदिवासियों को बेदखली से रोकने की मांग की। इसके अलावा मेंढा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले ग्राम डोलियामहू के विस्थापन और घोघरी डैम के टेस्टिंग एवं ट्रायल कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग भी रखी गई। सारनी के 660 मेगावाट पावर प्लांट में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा पाढर स्थित इंदोबाई धर्मशाला के पट्टे से जुड़े मुद्दे को भी ज्ञापन में शामिल किया गया। आंदोलन में पूर्व विधायक निलय विनोद डागा, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी, डॉ. पीआर बोड़खे, धरमू सिंह सिरसाम, प्रदेश सचिव समीर खान, बैतूल प्रभारी गोपाल कृष्ण शर्मा, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र जैसवाल, अजीत पटेल एवं लोकेश पगारिया सहित कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगदीश गब्बर गोचरे, लवलेश बब्बा राठौर, मोनू बड़ोनिया, नारायण राव धोटे, पंजाब अहाके, संजय यादव, मोनिका निरापूरे, पुष्पा पन्द्राम और रोहन ठाकुर सहित विभिन्न ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, किसान एवं कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल हुए।





