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Thursday, 5 November 2026
देवास

निगम अधिकारियों ने मांस, मटन दुकान संचालक करने के लायसेंस, रिन्यु अनुमति की दी गलत जानकारी

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 सूचना के अधिकार में स्पष्ट रूप से लिखा 4 साल से नहीं दिया गया लायसेंस, नगर निगम नेचार वर्ष से राजस्व भी नहीं वसूला
देवास- शहर में संचालित हो रही मांस मटन की दुकानों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर शिवसेना ने लगातार आवाज उठाती आ रही है। शिवसेना द्वारा पूर्व में कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन दिया था। जिस पर कलेक्टर ने तत्काल नगर निगम अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया को कार्रवाई के लिए कहा था। नगर निगम द्वारा दुकानों पर कार्रवाई तो नहीं की, जबकि झूठी जानकारी कलेक्टर कार्यालय को ही जवाब में लिखकर दे दी। नगर निगम के अधिकारियों ने अधिनियम 1956 की उपधारा 257 एवं 253 के अंतर्गत लाइसेंस जारी किए गए हैं, जबकि 4 वर्षों से नगर निगम ने ना तो लाइसेंस रिन्यू किया और ना ही प्रतिवर्ष राजस्व वसूला। नगर निगम के गेट पर भी शिवसेना ने निगम की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। वही सभापति रवि जैन को आवेदन सौंपा। श्री जैन ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल चालानी कार्रवाई की गई।

जबकि अभी भी अवैध रूप से मास, मटन की दुकाने संचालित हो रही है। शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि  शिवसेना का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से मुलाकात करने के लिए पहुंचा। श्री वर्मा ने कलेक्टर को शहर में अवैध रूप से संचालित हो रही मांस, मटन, पाड़ा कटाई ,मार्केट, हटाने की मांग की। वह पूर्व में की गई शिकायत मं नगर निगम अधिकारियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय को झूठी जानकारी दी गई थी। जिससे अवगत कराया। वह उन्हें सूचना के अधिकार अंतर्गत दस्तावेज पेश कर बताया कि नगर निगम द्वारा 4 वर्षों से किसी को भी मांस, मटन, पाड़ा, व अनुमति विक्रय करने का संचालन करने का निगम द्वारा नहीं दिया गया है ना ही लाइसेंस रिन्यू किया गया।

कलेक्टर ने दिए जांच कमेटी गठित करने के आदेश

    मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने गंभीरता दिखाते हुए अवैध रूप से संचालित मास मटन की दुकानों पर कार्रवाई के लिए। एसडीएम, निगम उपायुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी की टीम गठित कर जांच कर जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कलेक्टर ने कहा। तत्काल कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त रजनीश कसेरा को फोन पर बात भी की। वही निगम द्वारा कार्रवाई करने के नाम पर केवल चालानी कार्रवाई की जा रही है। अगर 4 साल से लाइसेंस रिन्यू नहीं किया गया तो फिर पशु वध कैसे हो रहा है। स्लिटर हाउस के अंदर बिना पशु चिकित्सक डॉक्टर की बिना पशुओं का परीक्षण करें काटा जा रहा है। यह लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

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