अनोखा तीर, हरदा। विद्यालय की पहचान बड़ी-बड़ी इमारतों से नहीं बल्कि उनमें शिक्षकों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा और संस्कारों से होती है। विद्यालय सिर्फ शिक्षा प्रदान करने वाले उपकरण मात्र नहीं होते बल्कि इन विद्यालयों में राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है। शिक्षकों का समर्पण, लगन और विद्यार्थियों को दिए जाने वाले संस्कार जितने सुदृढ़ होंगे राष्ट्र भी उतना ही समृद्धिशाली और ऊर्जावान बनेगा। मॉडल पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में अपना उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम के चीफ प्रोग्राम मैनेजर अनुराग पाण्डेय ने यह बात कही। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत संस्था के संचालक अखिल शर्मा, विद्यालय संचालन समिति के सचिव अमित शर्मा, प्राचार्य त्रिलोक शर्मा, प्रीति शर्मा, शिल्पा चेनानी, प्राची यादव एवं धीरज शर्मा ने किया। विद्यालय का प्रतिवेदन प्राचार्य त्रिलोक शर्मा ने प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने विद्यालय के स्थापना वर्ष 2008 से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय द्वारा अर्जित उपलब्धियां एवं छात्रों के वैयक्तिक, चारित्रिक, शैक्षणिक और खेल संबंधी विकास की चर्चा की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शासकीय महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रभु शंकर शुक्ल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पालक, शिक्षक और बालक के बीच जितना रिश्ता प्रगाढ़ होगा शिक्षा उतनी ही पारदर्शी और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगी। पार्षद बिंदु विनोद गुर्जर ने कहा कि हम राष्ट्र के सच्चे नागरिक तभी बन सकते हैं जब हम एक निष्ठावान नागरिक के रूप में समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हों। उन्होंने छात्रों से कहा कि ऐसी शिक्षा ग्रहण करें जिससे राष्ट्र के सेवाभावी और सजग नागरिक के रूप में पहचान बने। विद्यालय का यह कार्यक्रम समरसता थीम पर केंद्रित था, जिसमें दादा जी, पोते एवं पोती के सहज संवादों से समरसता के भाव प्रस्तुतियों के साथ संचारित होते गए। भूतकाल की स्थितियों, वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य में आने वाली मुश्किलों और उन पर किस प्रकार काबू पाया जा सकता है, इसका हल छात्र-छात्राओं ने अपने नाटक और गीतों की सुंदर प्रस्तुतियों के साथ किया। विगत वर्ष कक्षा 10वीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा महक पटेल एवं कक्षा 12वीं की सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा वैदेही सिटोके को पुरस्कार राशि और सर्टिफिकेट अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्राचार्य के.के. पाठक ने कहा कि आज बहुत सारी चुनौतियां हमारे बीच हैं। शिक्षा ही एक ऐसा औजार है जिससे हम चुनौतियों से मुकाबला कर सकते हैं और समाज को दिशा दे सकते हैं। छात्र-छात्राओं ने अपने कार्यक्रम के दौरान एकता, विश्व बंधुत्व, समानता, शिक्षा, समरसता आदि विषयों को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से गहराई के साथ छुआ। विद्यालय के संचालक अखिल शर्मा एवं प्राचार्य त्रिलोक शर्मा ने पधारे समस्त अतिथियों, छात्र-छात्राओं, पालकों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय की पहचान बड़ी इमारतों से नहीं, उनमें दिए जाने वाले संस्कारों से है







