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Tuesday, 20 October 2026
खरगोन

धार, खरगोन और मुरैना सीट पर कांग्रेस का फोकस, राहुल गांधी की होंगी जनसभाएं

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अनोखा तीर भोपाल:-मध्य प्रदेश में कांग्रेस चुनिंदा सीटों पर अधिक ध्यान लगा रही है। मालवा और ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस का फोकस तीन लोकसभा क्षेत्रों पर है। इनमें दो धार और खरगोन अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए सुरक्षित हैं। दरअसल, पार्टी नेताओं का मानना है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी आदिवासी मतदाता उसके साथ रहते हैं।

यही कारण है कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का प्रदेश में दौरा आदिवासी बहुल मंडला और शहडोल में हुआ। वहीं, मुरैना लोकसभा सीट पर भी पार्टी संभावनाएं देख रही है, इसलिए यहां भी बड़े नेताओं के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

कांग्रेस ने धार में राधेश्याम मुवेल और खरगोन में पोरलाल खरते पर दांव लगाया है। दोनों ही पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पार्टी के भीतर इनको लेकर कोई असंतोष नहीं है। इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भाजपा पर बढ़त बनाई थी।

धार और खरगोन में पार्टी ने  का दौरा तय किया है। धार सीट के बदनावर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी आदिवासी न्याय सभा भी कर चुके हैं। यहां उन्होंने आदिवासी बनाम वनवासी का मुद्दा उठाया, जिसे उन्होंने मंडला और शहडोल की सभा में भी दोहराया।

मालवा अंचल में जय युवा आदिवासी शक्ति संगठन (जयस) का भी प्रभाव है, जो कांग्रेस को समर्थन दे रहा है। इसके संरक्षक डा.हिरालाल अलावा धार जिले की मनावर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। विधानसभा चुनाव में भी जयस के समर्थकों ने कांग्रेस का साथ दिया था। आदिवासियों और खासतौर पर मालवा अंचल में पकड़ मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बनाया, जो धार जिले की गंधवानी विधानसभा से विधायक हैं।

उधर, खरगोन में भी यही स्थिति है। यहां कांग्रेस के पांच विधायक हैं, जिनमें चार एसटी वर्ग के लिए सुरक्षित सीट से हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के भाई सचिन यादव कसरावद से फिर विधायक चुने गए हैं। प्रदेश कांग्रेस ने इन दोनों सीटों पर राहुल गांधी की सभा कराने की तैयारी की है। वहीं, मुरैना में भी पार्टी संभावनाएं देख रही है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बढ़त बनाई थी।

हालांकि, प्रत्याशी चयन को लेकर अंत तक खींचतान मची रही। यहां से सत्यपाल सिंह सिकरवार को उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए मैदान में उतारा गया है। उनके भाई सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व से हैं तो भाभी शोभा सिकरवार ग्वालियर से महापौर हैं। सत्यपाल स्वयं वर्ष 2013 में मुरैना संसदीय क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र सुमावली से भाजपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। यहां भी राहुल गांधी की सभा प्रस्तावित की जा रही है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सतना में सभा को संबोधित कर सकती हैं।

19 अप्रैल के बाद प्रचार पर निकलेंगे कमल नाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ छिंदवाड़ा लोकसभा में 19 अप्रैल को मतदान होने के बाद प्रदेश के अलग-अलग संसदीय क्षेत्रों में प्रचार के लिए निकलेंगे। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी राजगढ़ और मुरैना जाएंगे।

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