-अपने जीवन के फैसले लेने और सपनों को पूरा करने की मिली सीख
अनोखा तीर, रहटगांव। युवाओं में आत्मनिर्भर सोच, निर्णय लेने की क्षमता और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से कायदा में मेरे जीवन, मेरे फैसले एवं सपने और आकांक्षाएँ विषय पर सत्र आयोजित किए गए। इसमें चार गाँवों के युवा साथियों ने भाग लिया और अपने जीवन के फैसलों, सपनों तथा भविष्य के लक्ष्यों पर विचार साझा किए। सत्र के दौरान युवाओं ने समझा कि जीवन के फैसले स्वयं सोच-समझकर लेना और अपनी पसंद को महत्व देना बेहद जरूरी है। गुड्डी सिलारे ने पहली बार वायआरसी सेंटर के सत्र में शामिल होकर अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने के महत्व को समझा। उदय राज ने कहा कि दूसरों के आधार पर लिए गए फैसले जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। अरविंद ने अपने अनुभव में बताया कि सपनों को पूरा करने के लिए सही दिशा में निरंतर प्रयास करना जरूरी है। वहीं, आकाश ने जीवन के फैसलों को सोच-समझकर लेने की सीख साझा की, जबकि गौतम ने अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने को महत्वपूर्ण बताया। इन सत्रों के माध्यम से युवाओं को अपनी इच्छाओं और आकांक्षाओं को पहचानने, स्वतंत्र रूप से सोचने तथा अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर मिला। युवाओं ने महसूस किया कि सपने देखना जितना जरूरी है, उन्हें साकार करने के लिए योजना बनाना, प्रयास करना और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को अपनी जिंदगी के फैसलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।







