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Friday, 6 November 2026
हरदा

संतान सप्तमी पर शीतला माता मंदिर में पूजन

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-परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखे व्रत

अनोखा तीर, हरदा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर शुक्रवार को शहर के शीतला माता मंदिर और खेड़ापति मंदिर में संतान सप्तमी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में महिलाओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शीतला माता मंदिर में महिलाओं ने माता को ठंडा जल, कुमकुम, रोली और अक्षत अर्पित किए। परंपरा के अनुसार माता को एक दिन पहले तैयार किया गया ठंडा भोजन, मिठाई, नारियल, अनाज आदि का भोग लगाया गया। पूजा के दौरान महिलाओं ने हल्दी के छापे लगाकर परिवार की सुख-शांति और संतान के मंगल की कामना की। पंडित विद्याधर उपाध्याय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजन करवाया। उन्होंने बताया कि संतान सप्तमी पर महिलाएं संतान के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना से व्रत एवं पूजा करती हैं। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। सप्तमी तिथि दो दिनों में पड़ने के कारण इस बार पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में कुछ भ्रम की स्थिति भी रही। गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन सप्तमी तिथि होने से कई महिलाओं ने अपनी परंपरा और तिथि के अनुसार संतान सप्तमी का व्रत एवं पूजन किया।  पूजन के बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर ठंडे भोजन यानी बासोड़ा का प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन चूल्हा जलाकर ताजा या गर्म भोजन बनाने के बजाय एक दिन पहले तैयार किए गए भोजन का सेवन किया जाता है। शीतला माता को ठंडे भोजन का भोग लगाने की परंपरा शीतलता, आरोग्य और परिवार के कल्याण से जुड़ी मानी जाती है। पूजन में रीना, शारदा, पदमा और जागृति सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में दिनभर पूजा-अर्चना, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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