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Friday, 30 October 2026
हरदा

  स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के दबाव से पटवारी परेशान

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-देर रात गांवों में हो रही अभद्रता, महिला पटवारियों में भय का माहौल
-सर्वर की धीमी गति और मानसिक प्रताड़ना से बढ़ा तनाव
-पटवारी संघ ने कलेक्टर एवं प्रमुख सचिव राजस्व के नाम सौंपा ज्ञापन

अनोखा तीर, हरदा। स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कार्य पूरा करने के दबाव, सर्वर की धीमी गति और देर रात तक काम करने की मजबूरी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों के साथ अभद्रता एवं झूमाझटकी की घटनाओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इन परिस्थितियों से परेशान जिले के पटवारियों ने गुरुवार को कलेक्टर एवं प्रमुख सचिव राजस्व के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर श्वेता बम्होरे को सौंपकर कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पटवारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री का कार्य पूरा करने के लिए पटवारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, सर्वर की धीमी गति के कारण दिनभर काम प्रभावित होता है। इसके बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर निर्धारित समय में कार्य पूरा करने का दबाव बनाया जाता है। समीक्षा के दौरान अन्य तहसीलों और पटवारियों के कार्यों से तुलना कर उन्हें प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
देर शाम गांवों में काम के दौरान दुर्व्यवहार और झूमाझटकी
ज्ञापन में पटवारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि हंडिया तहसील के पटवारी रामकिशोर अग्रवाल, हरदा तहसील के पटवारी वीरेंद्र रामकुचे और टिमरनी तहसील के पटवारी कुलदीप लोवंशी स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री संबंधी कार्य के लिए देर शाम तक ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्थित थे। इसी दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा पटवारियों के साथ अभद्रता और झूमाझटकी किए जाने की घटनाएं सामने आईं। पटवारी संघ के अनुसार, पटवारी रामकिशोर अग्रवाल ने संबंधित घटना के संबंध में विधिवत एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, पटवारी वीरेंद्र रामकुचे ने घटना की सूचना तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तथा नशे में धुत व्यक्ति को पकड़कर थाने ले जाया गया। संघ ने आरोप लगाया कि ग्राम मंझली, तहसील हरदा के संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध घटना के दो दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया। ज्ञापन में आशंका जताई गई कि राजनीतिक दबाव और संबंधित व्यक्ति के प्रभावशाली होने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। संघ ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सुबह सात बजे से रात 11-12 बजे तक काम करने की मजबूरी
पटवारी संघ का कहना है कि सर्वर की समस्या के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो पाता, लेकिन इसके लिए पटवारियों को जिम्मेदार ठहराकर उन पर लगातार दबाव बनाया जाता है। उन्हें सुबह सात बजे से लेकर रात 11 से 12 बजे तक काम करना पड़ रहा है। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के नजदीक होने के बावजूद पटवारी अपने पारिवारिक दायित्वों और घरेलू तैयारियों के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। संघ ने कहा कि एक ओर तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में देर रात तक गांवों में काम करने के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। लगातार दबाव और कार्य की समीक्षा के तरीके के कारण पटवारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
प्रतिस्पर्धा के बजाय समस्याओं के समाधान पर जोर देने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से पटवारी संघ ने मांग की कि जिले में पटवारियों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा कराकर कार्य का दबाव न बनाया जाए। सर्वर की धीमी गति जैसी तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समय-सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही, स्वामित्व योजना का कार्य करते समय पटवारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके साथ अभद्रता, झूमाझटकी या धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संघ का कहना है कि शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और व्यावहारिक परिस्थितियों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, जिला अध्यक्ष विकास जोशी सहित पटवारी दिनेश ईवने, संतोष गौर, दिनेश ठाकुर, ब्रजेश चौबे, सुनील शर्मा, पवन बांके, राघवेंद्र सिंह परमार आदि उपस्थित रहे।

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