-पुलिस अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
-हरदा में 40 विवेचकों ने लिया हिस्सा
-एफआईआर से लेकर साक्ष्य संकलन तक की प्रक्रिया समझाई
अनोखा तीर, हरदा। गुमशुदा व्यक्तियों, लापता बालक-बालिकाओं और महिला अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस द्वारा गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक शशांक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के करीब 40 विवेचक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान जिला लोक अभियोजन अधिकारी एच.एस. यादव, उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा अरुणा सिंह और सीसीटीएनएस शाखा के आरक्षक त्रिवेंद्र तोमर ने विवेचना की प्रक्रिया, वैधानिक प्रावधानों, साक्ष्य संकलन और न्यायालयीन कार्यवाही के संबंध में मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों ने बताया कि गुमशुदगी की सूचना मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और प्रभावी पतासाजी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई, पूछताछ, संभावित स्थानों पर तलाश और जुटाए गए साक्ष्यों का केस डायरी में विधिवत अभिलेखीकरण किया जाए। साथ ही पुलिस मुख्यालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), निर्धारित चेकलिस्ट और सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों, गवाहों के कथनों, महत्वपूर्ण साक्ष्यों और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्यायालय में प्रकरणों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की आवश्यकता बताई गई। महिला एवं बालक-बालिकाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने के साथ अपहरण, व्यपहरण या मानव दुर्व्यापार की आशंका होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य विवेचना की गुणवत्ता सुधारना, पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और पीड़ितों को समयबद्ध राहत दिलाने के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।






