दिव्यांग और अनाथ श्याम को मदद का इंतजार

-50 हजार स्वीकृति में मिले 30 हजार
-इलाज के लिए 10 लाख की सहायता की मांग
-जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी नहीं मिली राहत

अनोखा तीर, हरदा। शासन-प्रशासन की योजनाओं और जनसुनवाई के जरिए जरूरतमंदों को तत्काल राहत देने के दावे उस समय सवालों के घेरे में आ जाते हैं, जब एक दिव्यांग और अनाथ युवक को स्वीकृत आर्थिक सहायता की पूरी राशि के लिए भी इंतजार करना पड़े। हरदा निवासी श्याम, जो सेरेब्रल पाल्सी बीमारी से पीड़ित हैं। श्याम का आरोप है कि कलेक्टर द्वारा मौखिक रूप से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के बावजूद उन्हें अब तक केवल 30 हजार रुपए ही मिले हैं। शेष 20 हजार रुपए अभी भी नहीं मिले हैं। श्याम के अनुसार उन्होंने 4 अगस्त 2026 को जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर शेष 20 हजार रुपए दिलाने की मांग की थी। उनका कहना है कि इस दौरान कलेक्टर से सहायता की गुहार लगाने पर उन्हें जवाब मिला कि मेरे पास पैसे नहीं हैं। अब सवाल यह है कि जब आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और दिव्यांग व्यक्ति शासन से स्वीकृत सहायता की शेष राशि के लिए भी भटक रहा है, तो उसके लिए जनसुनवाई और सरकारी मदद का उद्देश्य क्या रह जाता है?
इलाज के लिए 10 लाख की दरकार
श्याम ने बताया कि उनके इलाज के लिए हरियाणा से एस्टीमेट मंगाया जा रहा है। इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से आर्थिक सहायता की मांग की गई है। इस संबंध में की गई शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर एल-2 स्तर पर लंबित बताई जा रही है। श्याम का कहना है कि इलाज का खर्च वह स्वयं वहन करने की स्थिति में नहीं हैं और न ही वे कर्ज लेकर इलाज कराना चाहते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से अनुदान के रूप में 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उनका इलाज हो सके और वे अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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