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Wednesday, 4 November 2026
मध्य प्रदेश

माकड्रिल में छोड़े आंसू गैस के गोले बने मुसीबत, आंखों में जलन होने से यहां-वहां भागे लोग

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सागर- सिविल लाइन क्षेत्र में अचानक लोगों की आंखों में जलन के साथ आंसू निकलने लगे। पहले तो लोगों ने सोचा कि किसी झार की वजह से यह सिर्फ उन्हीं के साथ हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे सैंकड़ों व हजारों लोग यही चर्चा करते हुए नजर आए। करीब एक घंटें से ज्यादा लोग अपनी आंखों में जलन और धुंधला नजर आने की शिकायत करते हुए नजर आए तो कुछ ने चिकित्सकों से चर्चा भी की।

सिविल लाइन व आसपास के कुछ वार्ड में जब इस तरह की शिकायत सामने आने लगी तो पता चला कि पुलिस लाइन ट्रेनिंग के दौरान छोड़े गए अश्रु गैस के गोलों से निकली गैस के कारण लोगों को यह तकलीफ हो रही है। हवाओं की वजह से यह धुआं सिविल लाइन चौराहा, चंद्रा पार्क, गोपालगंज, मधुकरशाह वार्ड सहित अन्य कई स्थानों पर पहुंचने से लोग आंखों में जलन होने पर एक-दूसरे से चर्चा करते हुए नजर आए।

दिन ढलने के साथ ही इंटरनेट मीडिया पर भी लोगों ने इस समस्या को एक-दूसरे के साथ शेयर किया तो कई लोग अपनी-अपनी तकलीफें गिनाने लगे। कोई आंख व नाक में जलन तो कोई धुंधला नजर आने की चर्चा कर पोस्ट करते हुए दिखे।

रहवासी क्षेत्र के पास होती है पुलिस की ट्रेनिंग

लोगों का कहना था कि पुलिस लाइन में ट्रेनिंग के दौरान छोड़े गए गोले मिस होने के कारण यह रिहायशी इलाके तक चले गए, जिसके कारण लोगों की आंखों में जलन हो रही है। सिविल लाइन के पास ही पुलिस लाइन भी है जहां पुलिस ट्रेनिंग होती रहती है, लेकिन हवा के कारण पहली बार इस तरह की समस्या बनी कि आसपास के लोग तक परेशान हो गए।

सिविल लाइन के काली चरण चौराहा, सिविल लाइन चौराहा, इंद्रा कालोनी, गोपालगंज के झंडा चौक तक इसका असर देखा गया। कई लोग ताे आंखों में जलन की शिकायत लेकर डाक्टरों के पास तक पहुंच गए। वहीं कुछ लोगों की जलन कुछ ही देर में कम हो गई तो वह घर पर ही रहे।

राहगीर से लेकर घरों व दुकानों के अंदर बैठे लोग हुए परेशान

सिविल लाइन क्षेत्र में इस धुएं का असर कुछ ज्यादा ही नजर आया। सिविल लाइन चौराहा के पास हाथ ठेले व होटलों में खाना छोंकने व मूंगफली वालों के ठेलों में से भी धुआं उठता है। पहले तो लोग इसे आसानी से ले रहे थे, लेकिन जलन बढ़ती गई तो कई लोग बेचैन हो गए। देखते ही देखते सिविल लाइन व गोपालगंज क्षेत्र से गुजरने वाले कई राहगीर आंखों में जलन की शिकायत करते रहे और यह स्थिति करीब एक से डेढ़ घंटे तक बनी रही।

मतगणना को ध्यान में रखकर हुई ट्रेनिंग

पुलिस लाइन के ग्राउंड में पुलिस की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, जिसमें भीड़ को तितर-बितर करने के लिए छोड़े जाने वाले अश्रु गैस के गोले भी छोड़े गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के बाद मतगणना को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। यह रूटीन की प्रक्रिया है और इस दौरान पुलिसकर्मियों को भी यहां भेजा जाता है।

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