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Thursday, 29 October 2026
भोपाल मध्य प्रदेश

कृषि क्षेत्र, आज भी गाँव में रोजगार का सबसे सशक्त साधन: कृषि मंत्री श्री पटेल

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कृषि उद्यानिकी तकनीक की प्रथम राउंडटेबल कॉन्फेंस भोपाल में हुई

भोपाल : किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए किसान समर्पण भाव से परिश्रम कर रहा है। आज भी गाँव में कृषि ही रोजगार का सबसे सशक्त और प्रभावी साधन है। मंत्री श्री पटेल कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आईएफसी की कृषि उद्यानिकी तकनीक की प्रथम राउंडटेबल कॉन्फेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आशा जताई कि आज की कॉन्फ्रेंस में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आय को बढ़ाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर होने वाली चर्चा के सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। कॉन्फ्रेंस में फूड प्रोसेसिंग एण्ड मशीनरी, मार्केटिंग लिंकेज, नर्सरी डेवलपमेंट, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और मॉडर्न टेक्नोलॉजी (इक्विपमेंट एवं टूलस एण्ड इनोवेशन्स) चर्चा के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।

कॉन्फेंस में एसीएस उद्यानिकी जे.एन. कंसोटिया, एसीएस कृषि अशोक वर्णवाल, सचिव एमएसएमई पी. नरहरि, सीईओ एसआरएलएम एलएम बेलवाल, संचालक उद्यानिकी श्रीमती निधि निवेदिता, ऐग-टेक सोल्यूशन कंपनीज, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी, प्रगतिशील कृषक, विषय-विशेषज्ञ सहित उद्यान अधिकारी एवं तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से मंत्री श्री पटेल ने कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी प्रतिभागियों का स्वागत और अभिनदंन करते हुए कहा कि भारत भूमि पूण्य भूमि है। यह देश किसानों का है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निश्चित ही कॉन्फ्रेंस बहुउपयोगी होगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों की चिंता करते हुए किसान कल्याण की ऐसी योजनाएँ क्रियान्वित की है, जिनका सीधा आर्थिक लाभ किसानों को मिल रहा है।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है। जिससे किसानों को साहूकारों के कर्ज से मुक्ति मिली है। प्रदेश देश में कृषि अधोसंरचना मद (एआईएफ) में 4 हजार करोड़ रूपये की राशि किसान हित में व्यय कर प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में चना, मसूर, सरसों का उपार्जन गेहूँ के साथ कर किसानों को हजारों करोड़ रूपये से लाभांवित किया है। प्रदेश की मंडियों में प्रतिदिन उपार्जन की क्षमता को बढ़ाया गया है, जिससे किसानों के मंडी में बार-बार आने से धन एवं समय के अपव्यय को रोकने में मदद मिली है। इसका सीधा लाभ किसानों की आमदनी पर हुआ है।

उद्योग लगाने का किया आवाहन

मंत्री श्री पटेल ने कॉन्फ्रेंस में शामिल देशभर के प्रतिभागियों से आवाहन किया कि वे मध्यप्रदेश में कृषि संवद्ध उद्योग लगायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपजाउ भूमि, बेहतर जलवायु, सिंचाई की भरपुर सुविधा, बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। उद्योग लगाने में राज्य शासन का पूरा-पूरा सहयोग रहेगा।

कृषि मंत्री ने प्रतिभागियों से की चर्चा

मंत्री श्री पटेल ने कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ सत्र के समापन पर प्रतिभागियों से टेबल-टू-टेबल जाकर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने उद्यानिकी उत्पादों के प्र-संस्करण के क्षेत्र में संभावनाओं से अवगत करते हुए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद की जायेगी।

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