मूंग खरीदी के बाद ग्रेडिंग में भी फर्जीवाड़ा, बड़े गोदाम मालिकों ने 10 फीसदी मूंग की भी नहीं की ग्रेडिंग

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– अधिकारियों ने दी बड़े गोदाम संचालकों को क्लीन चिट, छोटो पर सितम बरकरार

गोदाम संचालक ग्रेडिंग से निकले कचरे को थोंप रहे किसानों के सिर- एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

भैरूंदा। बिना सर्वेयर व बिना स्लाट बुकिंग के क्षेत्र के 18 गोदामों में किये गए 2 लाख क्विंटल से अधिक मूंग के भंडारण की नेफेड द्वारा जांच किये जाने के बाद कृषि विभाग द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल से क्षेत्र के 18 गोदामों पर ऑपरेटर की आईडी ब्लाक कर दी गई थी। जांच समिति के अधिकारियों ने बताया था कि जब तक गोदाम संचालक अमानक मूंग की ग्रेडिंग नहीं कर लेते तब तक ऑपरेटरो की आईडी नहीं खोली जायेगी। लेकिन आदेश के कुछ दिनों बाद ही बड़े गोदाम संचालकों की सूची पोर्टल पर प्रदर्शित कर दी गई। वहीं छोटे गोदामों में लगातार ग्रेडिंग होने के बावजूद भी उन्हें नहीं खोला गया। जिससे जिला स्तरीय जांच समिति की जांच संदेह के घेरे में आ गई हैं। जिन गोदाम मालिकों को तत्काल मूंग के अपग्रेडेशन करने के निर्देश जारी किये गए थे उन्होंने रस्म अदायगी करते हुए केवल दस फीसदी मूंग की ही ग्रेडिंग की। वहीं छोटे गोदाम संचालकों पर दबाव बनाकर अधिकारियों ने 100 फीसदी मूंग की ग्रेडिंग कराई हैं। नतीजा यह हुआ कि इस कार्रवाई में बड़े गोदाम संचालक बच गए और गाज छोटे गोदाम संचालकों पर गिरी। अधिकारियों के द्वारा की गई एक तरफा कार्रवाई से छोटे गोदाम संचालक अधिकारियों के विरूद्ध मुखर होते नजर आ रहे हैं। एक गोदाम संचालक ने तो यहां तक कह दिया कि बड़े गोदाम संचालकों से साठगांठ कर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई और हमारी बली चड़ा दी गई। इसका नजारा शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब हमारे संवाददाता. ने आधा दर्जन गोदामों पर पहुंचकर बड़े व छोटे गोदामों की हकीकत जानी।
शुक्रवार को संवाददाता. ने क्षेत्र के आधा दर्जन वेयर हाऊसों में पहुंचकर जांच दल व वेयर हाऊस संचालकों की हकीकत जानी तो पाया कि यहां पर उल्टा ही खेल नजर आ रहा है। जिन बड़े गोदाम मालिकों को हजारों क्विंटल मूंग की ग्रेडिंग के निर्देश दिए जाने थे, जांच दल ने उनसे महज एक से तीन हजार क्विंटल की ग्रेडिंग कराई जबकि छोटे गोदाम संचालक शुक्रवार को भी ग्रेडिंग करते हुए दिखाई दिये। ग्रेडिंग के नाम पर बड़े गोदाम संचालक ने सिर्फ रस्म अदायगी कर अधिकारियों से साठगांठ कर शासन को चूना लगाया है।

16150 क्विंटल की खरीदी, ग्रेडिंग 1000 क्विंटल
बगवाड़ा स्थित माही वेयर हाऊस पर बिना सर्वेयर व स्लाट बुकिंग के 6000 क्विंटल मूंग का भंडारण किया गया था। जिस पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे। यहां पर केवल 1000 क्विंटल मूंग की ही ग्रेडिंग कराई गई, जिसमें से अनुमानित 5 क्विंटल कचरा निकालकर सामने आया गया। शेष 5000 क्विंटल मूंग की ग्रेडिंग जांच दल ने नहीं कराई। महज 3 दिनों की ग्रेडिंग में ही वेयर हाऊस को क्लन चिट देते हुए यहां खरीदी शुरु कर दी गई। वर्तमान में यहां पर खरीदी का काम चल रहा था और 385 किसानों से 16150 क्विंटल मूंग का भंडारण किया जा चुका है। जब गोदाम में अंदर जाने का प्रयास किया तो गोदाम संचालक ने संवाददाता. को जाने से रोक दिया और कहा कि जो जानकारी लेना हो ऑफिस में दूंगा। यहां पर समिति प्रबंधक व नोडल अधिकारी के बिना ही खरीदी का काम किया जा रहा था। यहां पर ग्रेडिंग के दौरान निकले कचरे को फैलाकर मूंग के बीच पटक रखा था।

दावा – 7000 क्विंटल ग्रेडिंग का, मौके पर नहीं मिला कचरा
बडऩगर स्थित दादाजी वेयर हाऊस पर भी अमानक मूंग की ग्रेडिंग में रस्म अदायगी देखने को मिली। यहां पर खरीदी के दौरान लगातार शिकायत मिल रही थी उसके बावजूद भी अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। संचालक के अनुसार 7000 क्विंटल मूंग की ग्रेडिंग किये जाने की बात कहीं गई। लेकिन मौके पर ग्रेडिंग के दौरान निकला कचरा उस अनुपात में नहीं मिला। मौके पर जानकारी ली तो संचालक ने बताया कि कचरे से बदबू आ रही थी इसलिए उसे बाहर फिकवा दिया। अधिकारियों ने कचरे के संबंध में कोई भी निर्देश नहीं दिए है। यहां खरीदी का काम सर्वेयर व नोडल अधिकारी की गैर मौजूदगी में छोटे कांटे से किया जा रहा था।

ग्रेडिंग 3105 क्विंटल की, कचरा मिला अनुमानित 20 क्विंटल
बडऩगर स्थित कमला वेयर हाऊस में 17300 क्विंटल मूंग की खरीदी कर उसे बोरियों में पैक किया जा चुका है। यहां पर जांच दल ने समय-समय पर पहुंचकर ग्रेडिंग के निर्देश दिए। वेयर हाऊस संचालक ने 3105 क्विंटल मूंग की ग्रेडिंग की, जिसमें से अनुमानित महज 20 क्विंटल कचरा पड़ा मिला। मौके पर सर्वेयर, नोडल अधिकारी मौजूद नहीं थे। संचालक के मुताबिक 16 दिनों तक ग्रेडिंग का काम किया गया। यहां पर जांच दल ने कचरे को एकत्रित कर अलग रखने के निर्देश दिए थे। कचरा खुले में पड़ा दिखाई दिया। यहां भी खरीदी का काम चल रहा था।


3500 क्विंटल की ग्रेडिंग में निकला अनुमानित 95 क्विंटल कचरा
बडऩगर स्थित प्रतिभा श्री वेयर हाऊस पर महज 5500 क्विंटल मूंग की खरीदी की गई। जांच दल ने 3500 क्विंटल ग्रेडिंग के निर्देश दिए थे, जिसे संचालक ने पूरा कर लिया। ग्रेडिंग के दौरान यहां पर 100 क्विंटल से भी अधिक कचरा खुले में व ट्राली में भरा हुआ पाया गया। संचालक ने बताया कि लगातार 16 दिनों से ग्रेडिंग का काम किया जा रहा है। मौके से सर्वेयर व नोडल अधिकारी गायब मिले। संचालक ने बताया कि आज हमारे वेयर हाऊस को पोर्टल पर खोला गया अब बिल बनाने की प्रक्रिया शुरु होगी। संचालक भानू प्रताप ने बताया कि कचरे को एकत्रित कर रखने की बात जांच दल ने कहीं थी।

3100 क्विंटल की ग्रेडिंग, 65 क्विंटल कचरा
पांडागांव स्थित रामापीर वेयर हाऊस पर ग्रेडिंग का काम चल रहा था। यहां पर कुल खरीदी 3100 क्विंटल की हुई थी, जो सभी मूंग ग्रेडिंग किया जा रहा था। अनुमानित 65 क्विंटल कचरा खुले व कट्टियों में भरकर रखा हुआ था। छोटा गोदाम होने के चलतें यहां संचालक पूरी ईमानदारी से ग्रेडिंग कर रहा था। संचालक ने बताया कि पहली बार वेयर हाऊस तैयार हुआ और मूंग की खरीदी मिली। जिसमें सिर मुंडाते ही ओले की बरसात देखने को मिली। अधिकारियों की मार यहां पर अधिक देखने को मिली। यहां भी एकत्रित कचरे को अलग स्थान पर रखा गया था।

1500 क्विंटल की खरीदी, 35 क्विंटल कचरा
वासुदेव स्थित शिव स्वरूप वेयर हाऊस पर कुल 1560 क्विंटल की खरीदी की गई थी। यहां नोडल अधिकारी व सर्वेयर की मौजूदगी में ग्रेडिंग का काम किया जा रहा था। अनुमानित 35 क्विंटल कचरे का ढेर लगा हुआ था। यहां सोसायटी का कर्मचारी बिल बनाने का काम भी कर रहा था।

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