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Thursday, 22 October 2026
भोपाल

भाई दूज और श्री चित्रगुप्त प्रकटोत्सव के ऐच्छिक अवकाश को शासकीय अवकाश में बदलने की मांग

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अनोखा तीर, भोपाल।  कायस्थम मध्य प्रदेश ने  सवाल उठाया है कि मध्य प्रदेश में प्राय: सभी धर्म और वर्गों के महापुरुषों की जयंतियों और त्योहारों के लिए कोई न कोई एक दिवस शासकीय अवकाश के रूप में घोषित है तो कायस्थ समाज को इससे क्यों वंचित रखा गया है। कायस्थम मध्य प्रदेश के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव  के अनुसार होली, दिवाली के भाई दूज और आगामी 23 अप्रैल को  कायस्थ समाज के आराध्य देव भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा मात्र ऐच्छिक अवकाश ही घोषित है। जबकि कायस्थ समाज वर्षों से इन अवसरों पर किसी एक दिन शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग करता आया है। मध्य प्रदेश में लगभग 8 से 10 लाख कायस्थ परिवार हैं। जिसके अनुसार मध्यप्रदेश में कायस्थ मतदाताओं की संख्या लगभग 40 लाख है। इतनी बड़ी तादाद में होने के बावजूद  उनके आराध्य देव भगवान श्री चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना वाले यम द्वितीया महोत्सव या होली एवं दीवाली के दूसरे दिन भाई-बहन के पवित्र पर्व भाई-दूज अथवा श्री चित्रगुप्त प्रकटोत्सव के अवसर पर शासकीय अवकाश घोषित नहीं किए जाने से कायस्थ समाज में वर्षों से रोष व्याप्त है।  इन तीनों अवसरों पर श्री चित्रगुप्त मंदिरों और कायस्थ घरों में भक्तिभाव से भगवान श्री चित्रगुप्त जी का पूजन- अर्चन किया जाता है। शासकीय कर्मचारियों के लिए साल में मात्र तीन ऐच्छिक अवकाश लेने की पात्रता है, इस कारण चित्रांश बंधु अपने कुल के आराध्य देव की पूजा भी पूरे मनोयोग एवं  भक्तिभाव से नहीं कर पाते। जबकि मध्यप्रदेश में भगवान श्री चित्रगुप्त के लगभग 272 मंदिर है, जहां इन तिथि अथवा विशेष अवसरों पर भगवान श्री चित्रगुप्त की पूजा,  हवन, भंडारा, शोभायात्रा आदि का भव्य आयोजन किया जाता है।  शासकीय अवकाश न होने से बड़ी संख्या में चित्रांश बंधु इन  आयोजनों में शामिल होने से  वंचित रह जाते हैं। मध्यप्रदेश सरकार को चाहिए कि इनमें से किसी एक दिवस या अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए ताकि चित्रांश बंधु पूरी आस्था, निष्ठा और भक्तिभाव के साथ अपने आराध्य देव का पूजन कर सकें।

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