Skip to content
Thursday, 22 October 2026
भोपाल

बीना-कटनी तीसरी लाइन परियोजना, मध्यप्रदेश के विकास की नई रफ्तार

3 min read
Text Size:

अनोखा तीर, भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण रेल खंडों में से एक बीना-कटनी सेक्शन पर तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत बांदकपुर से घटेरा रेलखंड का कार्य संपन्न होने के साथ ही परियोजना का कार्य पूर्ण हो गया है। कुल 259.91 किलोमीटर लंबी यह परियोजना वर्ष 2016-17 में स्वीकृत हुई थी, जिसकी कुल लागत लगभग 4000 करोड़ रुपये से अधिक रही। इस खंड में 12 महत्वपूर्ण एवं 26 बड़े पुलों सहित 311 छोटे पुलों का निर्माण किया गया तथा कुल 32 रेलवे स्टेशन इस परियोजना से लाभान्वित हुए हैं।
भू-रणनीतिक महत्व और जंक्शन कनेक्टिविटी
इस परियोजना के दोनों छोर पर स्थित कटनी और बीना रेलवे स्टेशन रेल नेटवर्क की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जंक्शन हैं। कटनी स्टेशन पाँच प्रमुख रेल मार्गों कटनी-सिंगरौली, कटनी-बीना, कटनी-मानिकपुर, कटनी-जबलपुर एवं कटनी-बिलासपुर को जोड़ता है, जिससे यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशा की ट्रेनों के लिए प्रमुख संगम बिंदु बनता है। वहीं बीना स्टेशन से बीना-झांसी, बीना-गुना, बीना-भोपाल एवं बीना-कटनी रेल मार्गों का संचालन होता है, जो इसे उत्तर भारत एवं मध्य भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जंक्शन बनाता है। ऐसी स्थिति में इन दोनों महत्वपूर्ण जंक्शनों के बीच तृतीय लाइन का निर्माण इस खंड की महत्ता को और अधिक सुदृढ़ करता है। यह केवल एक अतिरिक्त ट्रैक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रेल नेटवर्क की दक्षता को बढ़ाने वाला संरचनात्मक सशक्तीकरण है।
कोयला परिवहन का प्रमुख मार्ग
बीना-कटनी सेक्शन देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कोयला विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों तक पहुंचाया जाता है।
तृतीय लाइन के संचालन से लाभ
तृतीय लाइन के संचालन से मालगाड़ियों की गति एवं आवागमन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ट्रैफिक जाम एवं लाइन क्लीयरेंस की समस्या में कमी आई है। कोयले की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित होने से विद्युत उत्पादन निर्बाध रहेगा। साथ ही, संपूर्ण खंड की वहन क्षमता में व्यापक वृद्धि हुई है।
सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव
इस परियोजना से सागर, दमोह और कटनी जिलों के समग्र विकास को गति मिलेगी। औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन प्राप्त होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। व्यापार, कृषि एवं खनन क्षेत्र को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को मजबूती मिलेगी।
रेल प्रशासन की भूमिका
इस महत्वपूर्ण परियोजना को पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में संबंधित प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों के समन्वित प्रयासों से समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया। रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सतत मॉनिटरिंग, तकनीकी दक्षता एवं समर्पण के परिणामस्वरूप यह परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी।

4 Views
What do you think?

Leave a Reply