-नई गाइडलाइन से अटके विकास कार्य
अनोखा तीर, मसनगांव। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य इन दिनों पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। शासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के चलते 15वें वित्त आयोग से संबंधित पोर्टल पिछले एक माह से बंद है, जिसके कारण पंचायतों को मिलने वाली राशि का आवंटन नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर गांवों में चल रहे निर्माण कार्यों और मूलभूत सुविधाओं पर पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, अब शासन ने नई व्यवस्था लागू करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि ग्राम पंचायतें अपने प्रस्तावित कार्यों और योजनाओं की जानकारी पहले ऑनलाइन माध्यम से भेजेंगी। प्रस्तावों के परीक्षण और स्वीकृति के बाद ही राशि जारी की जाएगी। इसी प्रक्रिया में बदलाव के कारण पोर्टल बंद पड़ा है और पंचायतों के खातों में फंड नहीं पहुंच पा रहा है। गौरतलब है कि 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को जनसंख्या के आधार पर टाइड और अनटाइड मद में राशि दी जाती है, जिसका उपयोग नाली निर्माण, सीसी सड़क, पेयजल, स्वच्छता सहित अन्य विकास कार्यों में किया जाता है। लेकिन पोर्टल बंद होने से ये सभी कार्य प्रभावित हो गए हैं। कई जगहों पर पहले से स्वीकृत कार्य भी अधूरे पड़े हैं, वहीं मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है।
सोलहवें वित्त से राशि मिलने की उम्मीद, लेकिन नियम बने अड़चन
पंचायत सचिवों के अनुसार, भविष्य में 15वें वित्त के स्थान पर 16वें वित्त से राशि मिलने की संभावना है, लेकिन इसके लिए शासन द्वारा नए नियम लागू किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत सचिव नंदलाल बघेल के मुताबिक, पंचायत स्तर पर टैक्स वसूली को अनिवार्य किए जाने की बात सामने आ रही है। वर्तमान में अधिकांश पंचायतों में केवल जलकर ही वसूला जाता है, जबकि मकान टैक्स, प्रकाश कर और दुकान टैक्स की वसूली नहीं हो रही है। ऐसे में पंचायतें पूरी तरह शासन की राशि पर निर्भर हैं। नई व्यवस्था के तहत अब विकास कार्य शुरू करने से पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इससे प्रक्रिया और लंबी हो सकती है तथा पंचायतों को टैक्स वसूली बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
मार्च में आई राशि, 25 मार्च से बंद पड़ा पोर्टल
सरकार द्वारा मार्च माह में 15वें वित्त के तहत दो टाइड और दो अनटाइड किस्त की राशि पंचायतों के खातों में डाली गई थी, लेकिन 25 मार्च से पोर्टल बंद कर दिया गया। इसके बाद से ही अधिकांश पंचायतों में विकास कार्य रुक गए हैं।
नई योजना शुरू नहीं, मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर बीवीजी रामजी योजना लागू करने की बात कही गई है, लेकिन क्षेत्र में अभी तक इस योजना के तहत काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे मजदूरों को मिलने वाला रोजगार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायत वीड़ के सचिव दिनेश पंचोली ने बताया कि पिछले एक माह से 15वें वित्त का पोर्टल बंद होने के कारण पंचायत में राशि का अभाव बना हुआ है, जिससे सभी निर्माण कार्य रुके पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल शुरू होने के बाद ही नए कार्यों की शुरुआत संभव हो सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पोर्टल शुरू कर प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्य दोबारा गति पकड़ सकें।

