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Saturday, 17 October 2026
मध्य प्रदेश

Madhya Pradesh: Cm Shivraj Said That By 2027, Renewable Energy Capacity Will Increase Four Times – Madhya Pradesh: सीएम शिवराज बोले- 2027 तक प्रदेश की नवीनीकरण ऊर्जा क्षमता चार गुना बढ़ा देंगे

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना से 278 मेगावॉट बिजली बेचने के अनुबंध कार्यक्रम को संबोधित किया। सीएम ने कहा कि आज मुझे अत्यंत्र प्रसन्न है, क्योंकि हमारा एक सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हमने रीवा में उस समय का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट लगाया था। ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग पॉवर प्लांट अपने आपमें अद्भुत है। अभी तक दुनिया में केवल 10 फ्लोटिंग पॉवर प्लांट हैं। आज जिस प्लांट के लिए एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं, वो विश्व का सबसे बड़ा प्लांट होगा।
 
सीएम ने कहा कि मेरी इच्छा थी कि इस प्लांट का काम हम जल्दी से जल्दी चालू करें। इसकी खासियत यह है कि इसमें 0% विस्थापन हुआ है। जमीन पर जो सोलर पैनल बिछाते हैं, उसके मुकाबले पानी की सतह पर बिछाए जाने वाले प्लांट से ज्यादा बिजली पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से बांध के पानी को वाष्पीकरण से भी बचाया जाएगा। प्लांट लगने से शैवाल जैसी वनस्पति कम विकसित होंगी, जिससे पानी पीने के लायक बचा रहेगा।
 
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचामृत का मंत्र दिया है, उसके लिए प्रदेश कमिटेड है। ग्लोबल वॉर्मिंग आज एक बड़ी सस्या है। इस पावर प्लांट से 12 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकता का 50% नवीकरणीय उर्जा से पूरा करेगा, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कमिटमेंट है।
 
उन्होंने कहा कि 2012 में हमारी नवीकरणीय ऊर्जा की उत्पादन क्षमता 500 मेगावॉट से भी कम थी, लेकिन अब हमारी क्षमता 5 हजार मेगावॉट से ज्यादा है। इसे बढ़ाकर हम 20 हजार मेगावॉट करेंगे। रीवा सोलर प्लांट के समय क्रय दर 4.50 रुपये प्रति यूनिट थी, हमने रीवा सोलर प्लांट में 2.97 रुपये प्रति यूनिट क्रय दर प्राप्त की।
 
उन्होंने कहा कि मैं सभी सोलर एनर्जी के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आमंत्रित करता हूं। हमारी नीति इंवेस्टर्स फ्रेंडली है। मध्य प्रदेश शांति का टापू है। यहां न जमीन की कमी है और न ही पानी की कमी है। उन्होंने कहा कि मैं जब सीएम बनो तो साढ़े 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, आज यहां 44 लाख हेक्टेयर में सिंचाइई होती है। यूरोप में पिछले दिनों 40 डिग्री से ज्यादा तापमान हो गया। यह प्रकृति के साथ खिलवाड़ का नतीजा है।
 
सीएम ने कहा कि बिजली बचाना बिजली बनाने जैसा है। हमने मध्य प्रदेश में ऊर्जा साक्षरता मिशन चलाया है। हम अगर यह सोचें कि बिजली फालतू जल रही है, हमारा क्या जाता है तो यह गलत है। हम अपने बच्चों को भी प्रेरित करें कि अनावश्यक रूप से बिजली न जलाएं। हम प्रण लें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ धरती छोड़ें।
 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना से 278 मेगावॉट बिजली बेचने के अनुबंध कार्यक्रम को संबोधित किया। सीएम ने कहा कि आज मुझे अत्यंत्र प्रसन्न है, क्योंकि हमारा एक सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हमने रीवा में उस समय का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट लगाया था। ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग पॉवर प्लांट अपने आपमें अद्भुत है। अभी तक दुनिया में केवल 10 फ्लोटिंग पॉवर प्लांट हैं। आज जिस प्लांट के लिए एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं, वो विश्व का सबसे बड़ा प्लांट होगा।

 

सीएम ने कहा कि मेरी इच्छा थी कि इस प्लांट का काम हम जल्दी से जल्दी चालू करें। इसकी खासियत यह है कि इसमें 0% विस्थापन हुआ है। जमीन पर जो सोलर पैनल बिछाते हैं, उसके मुकाबले पानी की सतह पर बिछाए जाने वाले प्लांट से ज्यादा बिजली पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से बांध के पानी को वाष्पीकरण से भी बचाया जाएगा। प्लांट लगने से शैवाल जैसी वनस्पति कम विकसित होंगी, जिससे पानी पीने के लायक बचा रहेगा।

 

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचामृत का मंत्र दिया है, उसके लिए प्रदेश कमिटेड है। ग्लोबल वॉर्मिंग आज एक बड़ी सस्या है। इस पावर प्लांट से 12 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकता का 50% नवीकरणीय उर्जा से पूरा करेगा, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कमिटमेंट है।

 

उन्होंने कहा कि 2012 में हमारी नवीकरणीय ऊर्जा की उत्पादन क्षमता 500 मेगावॉट से भी कम थी, लेकिन अब हमारी क्षमता 5 हजार मेगावॉट से ज्यादा है। इसे बढ़ाकर हम 20 हजार मेगावॉट करेंगे। रीवा सोलर प्लांट के समय क्रय दर 4.50 रुपये प्रति यूनिट थी, हमने रीवा सोलर प्लांट में 2.97 रुपये प्रति यूनिट क्रय दर प्राप्त की।

 

उन्होंने कहा कि मैं सभी सोलर एनर्जी के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आमंत्रित करता हूं। हमारी नीति इंवेस्टर्स फ्रेंडली है। मध्य प्रदेश शांति का टापू है। यहां न जमीन की कमी है और न ही पानी की कमी है। उन्होंने कहा कि मैं जब सीएम बनो तो साढ़े 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, आज यहां 44 लाख हेक्टेयर में सिंचाइई होती है। यूरोप में पिछले दिनों 40 डिग्री से ज्यादा तापमान हो गया। यह प्रकृति के साथ खिलवाड़ का नतीजा है।

 

सीएम ने कहा कि बिजली बचाना बिजली बनाने जैसा है। हमने मध्य प्रदेश में ऊर्जा साक्षरता मिशन चलाया है। हम अगर यह सोचें कि बिजली फालतू जल रही है, हमारा क्या जाता है तो यह गलत है। हम अपने बच्चों को भी प्रेरित करें कि अनावश्यक रूप से बिजली न जलाएं। हम प्रण लें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ धरती छोड़ें।

 

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