-हनुमान दादा के प्रति अटूट आस्था
-बीमारी ठीक होने पर सुखराम राजपूत ने मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।
अनोखा तीर, हंडिया। आस्था और विश्वास की एक अनूठी कहानी ग्राम कुसिया में देखने को मिल रही है। यहां सुखराम सिंह राजपूत द्वारा हनुमान जी के प्रति गहरी श्रद्धा का संकल्प लिया और मंदिर में दान देकर मंदिर निर्माण का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों के जनसहयोग और स्वयं के सहयोग से मंदिर निर्माण कार्य जारी है। बताया जाता है कि सुखराम सिंह राजपूत के हाथों में चमड़ी गलने की बीमारी हो गई थी। उन्होंने काफी समय तक विभिन्न स्थानों पर उपचार कराया, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल पा रही थी। इसी दौरान एक दिन वे प्राचीन हनुमान जी के प्राचीन स्थल पर पहुंचे और बजरंग बली के समक्ष मन्नत मांगी कि यदि उनकी बीमारी ठीक हो जाती है तो बाबा के चबूतरे के पास जनसहयोग एवं अपने सहयोग से मंदिर का निर्माण कराएंगे। सुखराम सिंह राजपूत बताते हैं कि बजरंग बली के प्रति उनकी अटूट आस्था और विश्वास के बीच धीरे-धीरे उनकी बीमारी ठीक हो गई। इसे वो दादा का आशीर्वाद मानते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया और मंदिर निर्माण कार्य में जुट गए। उनके द्वारा मंदिर के निर्माण के लिए सीमेंट देने का संकल्प लिया गया है।



