-अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ ने व्यक्त की शोक संवेदना
-धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों में रहा विशेष योगदान
अनोखा तीर, खिरकिया। नगर के प्रतिष्ठित एवं धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व ठा. देवीसिंह राजपूत के देवलोकगमन पर अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। संघ के मध्यप्रदेश अंचल की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी शोक संवेदना पत्र में स्व. ठा. देवीसिंह के सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक रुचि और समाजसेवा के प्रति समर्पण को याद किया गया। संघ की ओर से जारी पत्र में उल्लेख किया गया कि ठा. देवीसिंह जी राजपूत सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखने वाले व्यक्ति थे। वे देव, गुरु और धर्म में अटूट विश्वास रखने वाले समाजसेवी, धर्मनिष्ठ, तपस्वी, श्रद्धालु एवं सरल हृदय के धनी थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण परिवार और समाज के हित में समर्पित करते हुए धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। पत्र के अनुसार, वर्ष 2002 में श्री विनय मुनिजी म.सा. के चातुर्मास में उन्होंने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा प्रतिदिन जिनवाणी का लाभ लेते हुए अपने जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन किया।



