-बच्ची को गोद लेने कई परिवार आए आगे
अनोखा तीर, हरदा। बिन ब्याही मां ने जिस बच्ची को 9 महीने अपनी कोख में रखा, उसे जन्म के कुछ घंटे बाद ही नाली किनारे छोड़ दिया। हरदा में 22 अक्टूबर को मिली नवजात को उसकी मां ने अपनाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, बच्ची को अपनाने के लिए कई परिवार आगे आए हैं। हालांकि, बच्ची किस परिवार को सौंपी जाएगी, इसका फैसला बाल कल्याण समिति कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद करेगी। फिलहाल, उसकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी समिति के पास है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई थी मां और नानी की पहचान
दरअसल, 22 अक्टूबर को जिला अस्पताल से करीब 100 मीटर दूर चौक के पास नाली किनारे नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। स्थानीय लोगों ने देखा तो वहां खड़ी दो बाइकों की आड़ में बच्ची पड़ी थी। शरीर पर अस्पताल से मिले कपड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि बच्ची को जन्म देने वाली युवती और उसकी मां ही उसे वहां छोड़कर गई थीं। दोनों को 24 घंटे के भीतर तलाश लिया गया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। एसडीओपी शालिनी परस्ते के मुताबिक, दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया है।
सगाई टूटने के डर से बच्ची को छोड़ा
पुलिस के मुताबिक, युवती ने बताया कि मजदूरी के दौरान वह एक युवक के संपर्क में आई थी, जिससे उसे बच्ची हुई। दोनों के धर्म अलग हैं। युवती की सगाई हो चुकी थी। उसे डर था कि बच्ची के जन्म की बात सामने आने पर उसकी सगाई टूट सकती है। युवती ने बताया कि इसी वजह से वह सिराली से हरदा आई थी। यहां जिला अस्पताल में उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। पुलिस ने युवती की काउंसलिंग भी करवाई, लेकिन वह बच्ची को अपनाने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद उसने बाल कल्याण समिति के सामने आवेदन देकर पालन-पोषण करने में असमर्थता जताई और बच्ची को समिति को सौंप दिया।
बाल कल्याण समिति, हरदा की सदस्य शिखा केशवरे ने बताया कि बच्ची की मां पुलिस के माध्यम से समिति के सामने उपस्थित हुई थी। महिला ने आवेदन देकर कहा कि वह बच्ची का पालन-पोषण करने में असमर्थ है। इसके बाद उसने बच्ची को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। समिति ने बच्ची को देखरेख और संरक्षण में ले लिया है।
कई परिवार बच्ची को अपनाने आगे आए
बच्ची के मिलने की खबर सामने आने के बाद कई परिवारों ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई। लोग पुलिस और मीडिया से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। इन्हीं में एक शिक्षक भी हैं।
गोद लेने के लिए क्या करना होगा?
बच्ची को अपनाने के लिए आगे आए परिवारों की इच्छा के साथ-साथ उसकी सुरक्षा और भविष्य अहम है। बाल कल्याण समिति बच्चे की स्थिति की जांच और कानूनी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। किसी भी इच्छुक परिवार को बच्ची सीधे नहीं सौंपी जा सकती। बच्ची को कानूनी रूप से गोद देने योग्य घोषित किए जाने और अधिकृत दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसे सौंपा जा सकता है।
नवजात को नाली किनारे छोड़ने वाली मां ने अपनाने से किया इनकार

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