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Saturday, 24 October 2026
हरदा

हरदा में किसानों को डीएपी खाद के लिए परेशानी

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-ई-टोकन व्यवस्था का लाभ दिलाने ठोस कदम उठाए सरकार

अनोखा तीर, हरदा। जमना जैसानी फाउंडेशन एवं समाज के प्रतिनिधि शांति कुमार जैसानी ने हरदा अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार को मांग पत्र सौंपा। जमना जैसानी फाउंडेशन एवं समाज के प्रतिनिधि की प्रमुख मांगें इस प्रकार है।
कृषि भूमि के अनुपात में खाद उपलब्ध हो
डीएपी की आपूर्ति बढ़ाई जाए। जिले की मिट्टी की स्थिति एवं फसलों की जरूरत के आधार पर डीएपी की मांग का आकलन कर शासन को पर्याप्त मांग भेजी जाए, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सके।
हर सोसायटी में नि:शुल्क ऑनलाइन बुकिंग सुविधा
प्रत्येक सहकारी सोसायटी में किसानों की सहायता के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन बुकिंग करने वाले व्यक्ति की व्यवस्था की जाए। एक सोसायटी से जुड़े लगभग 2 से 4 गांवों के किसानों को नजदीक में सुविधा मिलने से उनका समय, ईंधन और किराया बचेगा। किसानों को नियमानुसार नगद एवं उधार पर खाद लेने की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
अतिरिक्त खाद खरीदने की व्यवस्था
सब्सिडी वाली निर्धारित मात्रा के अतिरिक्त खाद की जरूरत होने पर नियमानुसार सब्सिडी रहित दर पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार किया जाए, जिससे किसानों की अतिरिक्त जरूरत पूरी हो और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिले।
खाद तौलकर दिया जाए
किसान डीएपी, यूरिया एवं अन्य खाद की कीमत चुकाता है, इसलिए उसे निर्धारित वजन के अनुसार पूरी मात्रा मिलनी चाहिए। विक्रेताओं के यहां तौल की नियमित जांच की जाए।
पोर्टल पर पर्याप्त मात्रा में खाद अपलोड हो
किसानों के अनुसार, एक तहसील में सीमित मात्रा में खाद अपलोड होने के कारण सुबह लगभग 10 बजे से 10.15 बजे के बीच ही खाद की ऑनलाइन उपलब्धता समाप्त हो जाती है। प्रशासन इस स्थिति की जांच करे और वास्तविक मांग के अनुसार खाद अपलोड करे। इससे बुजुर्ग एवं महिला किसानों को होने वाली परेशानी भी कम होगी।
पोर्टल की तकनीकी क्षमता बढ़ाई जाए
एक साथ अधिक किसानों द्वारा पोर्टल का उपयोग करने पर आने वाली समस्याओं को दूर किया जाए। पोर्टल को अपग्रेड करने के लिए अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियरों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए, ताकि ऑनलाइन बुकिंग आसानी से हो सके।
बार-बार ओटीपी की समस्या से राहत मिले
किसानों के लिए सुरक्षित लॉगिन व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे हर बार ओटीपी की परेशानी न हो। फार्मर आईडी से जुड़े सुरक्षित पासवर्ड की सुविधा, पासवर्ड बदलने का विकल्प और पहचान सत्यापन की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
घर पहुंच सुविधा का लाभ मिले
ई-टोकन व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध घर पहुंच सुविधा को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि विशेषकर दूरस्थ गांवों, बुजुर्गों और महिला किसानों को खाद लेने के लिए अनावश्यक यात्रा न करनी पड़े। इस मौके पर जमना जैसानी फाउंडेशन के शांति कुमार जैसानी, जाट समाज के सत्यनारायण सिरोही, राम किशोर जाट, गुर्जर समाज के नीरज खीरे, राजपूत समाज से धर्मेंद्र सिंह चौहान, योगानन्द राजपूत, अग्रवाल समाज से अनीश अग्रवाल, कसेरा समाज से मनोज महलवार, ब्राह्मण समाज से अभिषेक शुक्ला सहित प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की एवं समस्या का जल्द निवारण करने का आश्वासन मिला।

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