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Thursday, 22 October 2026
हरदा

जैन साध्वियों का हरदा में मंगल प्रवेश, चार माह बहेगी धर्म और ज्ञान की गंगा

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अनोखा तीर, हरदा। जैन आचार्य रामलालजी मसा. की आज्ञानुवर्ती साध्वी शारदा श्री मसा. सहित ठाणा-4 का मंगलवार को हरदा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। वर्ष 2026 के चातुर्मास के लिए साध्वियों का वर्षावास हरदा श्रीसंघ को प्राप्त होने पर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। नगर के जैन स्थानक भवन में आयोजित मंगल प्रवेश समारोह में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर साध्वियों का स्वागत किया। साध्वियां सुबह कड़ोला से विहार कर हरदा पहुंचीं। नगर प्रवेश से पूर्व केवल लॉन्स में कुछ समय विश्राम के दौरान सुख विपाक सूत्र का वाचन किया गया। इसके बाद शोभायात्रा के साथ जैन स्थानक भवन में मंगल प्रवेश कराया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी शारदा श्री मसा. ने कहा कि श्रद्धा अत्यंत दुर्लभ है। श्रद्धा से ही सम्यक दर्शन और सम्यक्त्व की प्राप्ति होती है। सच्ची धर्म श्रद्धा शारीरिक एवं मानसिक दुखों का निवारण कर आत्मा की विशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। साध्वी विशुद्धि श्री जी ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु हमें संयम का मार्ग दिखाते हैं। वे हमारी कमजोरियों को हमारी शक्ति में बदलने का सामर्थ्य रखते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें ऐसे जागरूक और अप्रमत गुरु का सानिध्य प्राप्त हुआ है। मंगल प्रवेश समारोह में हरदा श्रीसंघ के अलावा खिरकिया श्री श्वेतांबर श्रीसंघ के लगभग 40 सदस्य शामिल हुए। चारुवा, कालधड़, खाचरोद, मंदसौर, सरदारशहर, इंदौर, कुंभराज और मसनगांव सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। साध्वियों के दर्शन एवं सानिध्य का लाभ लेने अमेरिका से अनुज जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अल्पना जैन ने प्रभावना का लाभ लिया। चातुर्मास प्रवेश के अवसर पर रत्ना आशीष समदड़िया ने तीन उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण कर अपनी दृढ़ आस्था एवं आध्यात्मिक साधना का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान मदन कंवर बाई सा., राजकुमार बाफना, देवेंद्र बाफना, पंकज बाफना, छाया बनवट, शोभा चपलोद, नेहा बाफना, शेफाली बाफना, खिरकिया के महावीर महिला मंडल, आशीष समदड़िया, कालधड़ के दुर्गाप्रसाद मुछाला, नटवर सिसोदिया तथा नारायण छलोत्रे सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय वातावरण बनाया। चार माह तक चलने वाले चातुर्मास के दौरान प्रवचन, स्वाध्याय, तप, आराधना एवं विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे, जिनका लाभ हरदा सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।

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