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Sunday, 11 October 2026
हरदा

दो गांव की सैकड़ों महिलाओं को नहीं मिल रहा लाड़ली बहना योजना का लाभ

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अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का जिक्र देश भर में किया जा रहा है। प्रतिमाह लाड़ली बहनों के खाते में मुख्यमंत्री द्वारा राशी डाली जा रही है। जिन बहनों के खाते में हर माह राशी आती है वह तो खुश हैं, लेकिन जो लाड़ली बहने किसी कारण योजना से वंचित रह गई है वह चाहती है कि उन्हें भी योजना में शामील किया जाए। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को हरदा कलेक्टे्रट में देखने को मिला, जहां सैकड़ों महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण कलेक्टर आदित्य सिंह से मिलने पहुंची और योजना का लाभ दिलाने की मांग की। मंगलवार को हरदा जिले के गांव जामूखो और बोरपानी की महिलाओं ने कलेक्टर के नाम आवेदन देकर बताया कि पंचायत कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उनका पंजीयन लाड़ली बहना योजना में नहीं हो सका। जिस कारण गांव की ९५ प्रतिशत महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। योजना से वंचित रही महिलाओं को भी योजना का लाभ दिलाया जाए।

 

इनका कहना है…

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सुधा पति नंदलाल निवासी बोरपानी ने बताया कि जब लाड़ली बहना योजना के पंजीयन का कार्य पंचायत में चल रहा था तो वहां कभी सचिव मौजूद नहीं दिखाई दिये, तो कभी अन्य कर्मचारी के नहीं होने का कहकर हमें लौटा दिया जाता था। मैंने कई चक्कर लगाए पर मेरा पंजीयन नहीं हो पाया। मैं भी लाड़ली बहना योजना की पात्र हूं मुझे भी योजना का लाभ दिया जाना चाहिए।

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-कलावती पति बालकिशन का कहना है कि मैं जब भी पंजीयन कराने जाती तो पंजीयन करने वाले कर्मचारी कहते कि नेटवर्क नहीं है, कब तक आएगा कह नहीं सकते। मेरा पंजीयन नहीं होने का कारण पंचायत सरपंच पे्रम ऊईके है। सरपंच-सचिव की लापरवाही के चलते मैं लाड़ली बहना योजना से वंचित रह गई हूं। मेरा नाम भी योजना मेें शामिल किया जाए।

-जामूखों और बोरपानी की महिलाओं से लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिलने का आवेदन प्राप्त हुआ है, ग्राम पंचायत स्तर पर जांच करेंगें कि क्या कारण है। महिलाए पात्र है या अपात्र या फिर काई दस्तावेज नहीं होने के कारण ऐसा हुआ है, इसकी जानकारी ली जाएगी। उसके बाद ही आगे की स्थिति बता पाएंगे।

– डॉ संजय त्रिपाठी, डीपीसी महिला एवं बाल विकास विभाग

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