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Sunday, 11 October 2026
हरदा

बैरागढ़ ब्लास्ट मामला- घायल महिला के चार माह में हुए 6 आपरेशन

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अनोखा तीर, हरदा। बैरागढ़ पटाखा फेक्ट्री ब्लास्ट हादसे को चार माह बारह दिन बीत चुके हैं, लेकिन ब्लास्ट में घायल हुए पीड़ितों का जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। पीड़ित परिवार के लोगों की आर्थिक स्थीति कमजोर हो गई है। जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकों १ लाख २५ हजार की सहायता राशि दी गई। इतनी कम सहायता राशि में मकान बना पाना संभव नहीं है, वहीं अभी तक लोगों को परिवार सहित खण्डवा रोड स्थित आईटीआई में बनाए गए राहत शिविर में दिन गुजारने पड़ रहे हैं। घायलों की देखरेख करने में परिवार के अन्य सदस्यों को अपनी नौकरी तक गवाना पड़ गई है, जिससे खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। पीड़ितों द्वारा एनजीटी से मिलने वाली सहायता राशि जल्दी दिलाने की मांग की जा रही है। पीड़ित परिवार के लोग हरदा विधायक आरके दोगने के साथ मंगलवार को अपनी समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां विधायक द्वारा कलेक्टर से पीड़ितों के मुआवजे में हो रही देरी को लेकर चर्चा की गई। विधायक श्री दोगने ने बताया कि ब्लास्ट पीड़ितों को मुआवजा राशि दिलाने के संबंध में कलेक्टर से चर्चा की गई है। कलेक्टर आदित्य सिंह द्वारा बताया गया है कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है आने वाले सप्ताह में पेशी लगेगी। हाईकोर्ट के फैसले और एनजीटी के प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। पीड़ित परिवार के इलियास पिता मोहम्मद बसीर निवासी वार्ड ३१ बैरागढ़ ने बताया कि ब्लास्ट हादसे में मेरी पत्नी रसीदा बी को पेट में लोहे का टीन आकर लगा था, जिससे उसके पेट की आतें बाहर निकल आई थी। गंभीर घायल होने के कारण उसे भोपाल रेफर कर दिया गया था। एक आपरेशन के बाद इन्दोर के अरविन्दों अस्पताल में भर्ती करया गया था। अब तक रशीदा बी के छह आपरेशन हो चुक हंै, जिसके बाद २५ मई २४ को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। घायल के सभी आपरेशन तो आयुष्मान कार्ड से हुए हैं, लेकिन दवाई बहुत महंगी आ रही है। साथ ही चार माह से में पत्नी की अस्पताल में ही देखरेख कर रहा था, जिस कारण मेरा मैकेनिक का कार्य भी छूट गया, आज मेरी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है।

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