-लछौरा घाट पर रेवा गु्रप ने चलाया स्वच्छता अभियान
-श्रद्धालुओं से की पॉलीथिन मुक्त नर्मदा की अपील
अनोखा तीर, करताना। पितृमोक्ष अमावस्या के पावन पर्व पर जहां एक ओर हजारों श्रद्धालु अपने पितरों के तर्पण और मोक्ष की कामना को लेकर पुण्यसलिला मां नर्मदा के तटों पर उमड़े, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के जागरूक युवाओं ने आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। ग्राम लछौरा घाट पर रेवा ग्रुप के युवाओं ने विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर घाट परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाया। पर्व के दौरान घाटों पर पूजन सामग्री, फूल-मालाओं, नारियल की जटाओं और प्लास्टिक के कचरे के कारण होने वाली गंदगी को देखते हुए रेवा गु्रप के सदस्य आगे आए। गु्रप के छोटू पटेल गुर्जर, राहुल खोरे, रोहित पाटीदार, रितेश माहुले, आनंद यादव, मधु बाई एवं युवराज लोमारे, बलराम दायमा, मंगल ने स्वयं झाड़ू और तगाड़ी थामकर घाट और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सघन सफाई अभियान चलाया। युवाओं ने तन, मन और समर्पण भाव से घंटों पसीना बहाते हुए घाट पर बिखरा कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया।
श्रद्धालुओं को दिया स्वच्छता का संदेश
सफाई कार्य के साथ-साथ युवाओं ने घाट पर स्नान एवं पूजन के लिए आए श्रद्धालुओं को जागरूक भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूजन के बाद बची सामग्री, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट सीधे जलधारा या घाट की सीढ़ियों पर न फेंकें, बल्कि निर्धारित कचरा पात्रों का ही उपयोग करें। युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि आस्था का वास्तविक स्वरूप नदी और उसके परिवेश को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में ही निहित है।
दुकानदारों से पॉलीथिन का उपयोग बंद करने का आग्रह
अभियान के अंतर्गत रेवा ग्रुप के सदस्यों ने घाट परिसर में पूजन सामग्री, नारियल, अगरबत्ती और प्रसाद बेचने वाले छोटे-बड़े दुकानदारों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने दुकानदारों से मां नर्मदा के जल को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सिंगल-यूज पॉलीथिन का उपयोग तत्काल बंद करने का विनम्र आग्रह किया। युवाओं ने दुकानदारों को प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े या कागज के थैलों का विकल्प अपनाने की सलाह दी, ताकि कचरे के रूप में प्लास्टिक नर्मदा जी में न समाए।







