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Saturday, 31 October 2026
राष्ट्रीय

शांति प्रक्रिया में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट में शामिल हुए मणिपुर के 25 मैतेई क्रांतिकारी नेता, सरकार ने कहा- राज्य में शांति स्थापित करना है लक्ष्य

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नई दिल्ली- यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट मणिपुर सरकार और भारत सरकार के बीच को हुए शांति समझौते के बाद नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट मणिपुर के लगभग 25 नेता/कैडर, मेजर बोइचा के नेतृत्व में 25 हथियारों के साथ को UNLF में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही संगठन के अधिकांश सदस्य हिंसा छोड़ समाज की मुख्यधारा में सामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम से मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के मोदी सरकार के प्रयासों को गति मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि एनआरएफएम (पुराना नाम-यूनाइटेड रिवोल्यूशनरी फ्रंट) का गठन केसीपी (एक मैतेई यूजी संगठन) के तीन गुटों के कैडरों द्वारा किया गया था।

इसके वरिष्ठ नेता पड़ोसी देश के ठिकानों से काम करते थे और मणिपुर घाटी के विभिन्न हिस्सों में हिंसा और जबरन वसूली में शामिल थे। इस घटनाक्रम से अन्य मैतेई यूजी संगठनों को शांति प्रक्रिया में शामिल होने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे रखने के लिए प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। साथ ही, इससे मोदी सरकार के ‘उग्रवादमुक्त और समृद्ध पूर्वोत्तर’ के सपने को साकार करने में सहायता मिलेगी।

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