–महाकुंभ संभव नहीं होता आपके बिना
प्रयागराज से लोटकर नितेश गोयल, हरदा।
पुलिस की छवि को हमने अब तक दागदार ही देखा है, इसी विभाग को सबसे करप्ट विभाग कहा जाता है, लेकिन पुलिस का यह रूप जो महाकुंभ प्रयागराज में देखा उसने मुझे अचंभित ही कर दिया। कोई एक पुलिस अफ्सर या पुलिसकर्मी को हम धन्यवाद नहीं कर रहे, बल्कि संपूर्ण उत्तर प्रदेश को धन्यवाद कर रहे हैं, जिसने लगातार एक माह से सतत २४ घंटे बिना थके, बिना रुके करोड़ों की महाकुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित किया और इस महाआयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मेरी इस महाकुंभ यात्रा संस्मरण की बात करूं तो मेरी यात्रा परिवार के साथ 7 फरवरी को प्रारंभ हुई थी, यात्रा शुरु करते ही जब एक निजी वाहन से हरदा के बाहर ही निकले तो हरदा पुलिस चेकिंग की टीम ने हमें रोक लिया और सीट बेल्ट और अन्य कारण बताकर चालान की बात करने लगे, तब ऐसा लगा कि यदि शुरुआत ऐसी है तो ८०० कि.मी की इस महाकुंभ की यात्रा में पुलिस कितना परेशान करेगी, लेकिन ऐसा कहीं नहीं हुआ। हरदा के बाद जहां भी गए वहां पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाते रहे, लेकिन किसी भी वाहन चालक को रोककर किसी तरह से पैसों के लिए कहीं किसी को परेशान नहीं किया गया, बल्कि हर तरह से लोगों की मदद ही की है। महाकुंभ में ऐसा भी देखा गया कि जाम या अन्य कारणों से जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रास्तों पर रोका तो पुलिसकर्मियों को लोगों से गाली-गलौच तक का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद उन लोगों ने अपना पुलिसिया अंदाज न दिखाते हुए नम्रता से ही लोगों के गुस्से को शांत करने की कोशिश की है। वहीं उत्तरप्रदेश पुलिस ने असहायों की सेवा करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है, यदि कोई व्यक्ति कोई अपने से बिछड़ गया तो वह सबसे पहले वहां ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के पास ही पहुंचता है, वहां के पुलिसकर्मियों ने हजारों बिछड़े लोगों को मिलाने का भी काम किया है। देखने वाली बात यह है कि दो माह के इस महाकुंभ में बिना किसी रिश्वत और २४ घंटे की संपूर्ण ड्यूटी के बावजूद थोड़ी सी चूक होने पर इन्हीं लोगों पर सबसे अधिक नौकरी जाने और सस्पेंड होने का खतरा है।
महाकुंभ की यात्रा में यह रखें सावधानी
यदि आप भी चाहते हैं कि १४४ साल बाद आए इस महाकुंभ में जाकर मां गंगा में डुबकी लगाएं तो आपको कुछ सावधानियां तो बरतना ही पड़ेगी। यदि आप अपने निजी वाहन या यात्री वाहन से सफर कर रहें हैं तो निश्चित रूप से आप इतना भोजन और अन्य खाद्य सामान रखें कि आपको रास्ते में जाम लगने पर परेशानियों का सामना न करना पड़े। महाकुंभ यात्रा के दौरान बताया जा रहा है सड़कों पर वाहनों का जाम लग रहा है, वह किसी दुर्घटना या अन्य कारणों से जाम नहीं लग रहा है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि यदि प्रयागराज महाकुंभ में निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ है तो वह भीड़ अधिक न हो जाए और वहां पर निर्धारित संख्या से अधिक यात्री न पहुंचे इसलिए उन्हें १००-१५० कि.मी पहले से ही नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह रोका जाता है, जिसके कारण एक साथ प्रयागराज में भीड़ नहीं बढ़ पाती और संपूर्ण भीड़ सड़कों पर ही रहती है। इसलिए महाकुंभ में शनिवार, रविवार और स्नान तिथियों पर न जाएं तो बहुत अच्छा होगा। अपने साथ पानी, खाने का सामान अवश्य लेकर जाएं। बच्चों को न ले जाएं तो बहुत अच्छा होगा। कोशिश यह करें कि आप यात्री वाहन से संगम तट के दूसरी तरफ रुकें, जिससे आपको कम चलना पड़े और आपकी यात्रा मंगलमय हो।


