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Sunday, 11 October 2026
हरदा

युवा कर रहे समुदाय को शिक्षा के प्रति जागरुक

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अनोखा तीर, हरदा। औपचारिक अनौपचारिक शिक्षा व शिक्षा के स्तर, करियर, उद्धमिता व कृषि आधारित मुद्दों को समझने के लिए सिनर्जी संस्थान के युवालय कार्यक्रम से हरदा जिले से 20 युवा साथियों का दल सामूहिक भ्रमण के अंतर्गत 16 मई से 21 मई 23 तक तामिया परार्थ संस्थान छिंदवाड़ा प्रवास पर था। युवालय युवाओं के लिए एक ऐसा मंच है जहां उन्हें जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने, उनके डर को दूर करने और उनकी वास्तविक क्षमता का पता लगाने हेतु सक्षम बनाया जाता है। सामूहिक भ्रमण के दौरान युवाओं को स्वयं को खोजने हैं, व जीवन के महत्व को वास्तविक रूप से अनुभव कर सीखने है। इस यात्रा के बाद सभी युवा हरदा जिले में विभिन्न स्थानों पर समूहों के रूप में अलग-अलग मुद्दों पर एक महीने के लिए सामूहिक एक्शन कार्य कर रहे है। जहां हंडिया तहसील के गांव कुसिया में प्राची, आरती, महिमा, साक्षी समूह में ड्रॉपआउट लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य कर रही है। जिसमें 13 लड़कियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ा है तथा लड़के और लड़कियों में भेदभाव को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। नयापुरा में युवा समूह में खुशी पाल, आशिका के द्वारा पहली से पांचवी के बच्चों को गतिविधि तथा खेल के माध्यम से कैसे सीखते हैं उस पर कार्य कर रहे हैं। जिससे बच्चे शिक्षा की प्रति रुचि पैदा कर रहे हैं। अभी उनकी क्लास में 20 से 25 बच्चे नियमित आ रहे हैं। साल्याखेड़ी में सचिन, क्षमा, विजेंद्र, नितेश समूह ड्रॉपआउट लड़के और लड़कियों के साथ कार्य कर रहे हैं व शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए वह डोर टू डोर विजिट, सर्वे व सामुदायिक बैठक के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता पर कार्य कर रहे हैं। इन समूह साथियों का कहना है कि शिक्षा वह है जो किताबी ना होकर विकास का ज्ञान देती हो, जो नवाचार का संचार करती हो वह शिक्षा है। इतिहास और वर्तमान को अपने विवेक व बुद्धिमत्ता के साथ प्रयोग करना सिखाती हो वह शिक्षा है। जो हमें स्वार्थी ना बनाकर तर्क वितर्क का ज्ञान कराती हो वह शिक्षा है।

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