-प्रदेश में 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर आया हूं
अनोखा तीर, हरदा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगर के नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण में शुक्रवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता करते हुए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रमों में किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि के क्षेत्र में नवाचार तथा किसानों की आवश्यकताओं के संबंध में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गुरुवार को ही प्रदेश के लिए निवेशकों से 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर आया हूं। आगर में 3800 करोड़ की मैक्केन फूड परियोजना शुरू हो रही है, इसमें 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में आलू प्रसंस्करण का 200 करोड़ का उद्योग स्थापित हो रहा है, लालूखेड़ी के साथ ही अब आगर-मालवा जिले के किसान आलू उगाएंगे। मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि आगर एवं सुसनेर का संतरा देश भर में भेजा जा रहा है। आगर जिले के संतरे ने नागपुर को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जिले के पशुपालक गौपालन के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते हैं। जैविक दूध प्रदेश में कहीं मिलता है तो आगर में ही मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का दूध उत्पादन भी बढ़ेगा, सांची का दुग्ध ब्रांड भी बढ़ रहा है। सांची के दुग्ध ब्रांड को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिला सौर ऊर्जा एवं विंड एनर्जी के लिए भी अपनी अलग पहचान रखता है। प्रदेश में पर्याप्त बिजली, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध है और पांच लाख किलोमीटर की सड़कों का जाल भी है। उन्होंने कहा कि 2027 तक गेहूं 2700 रुपये के भाव में खरीदेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिला गौ-सेवा के लिए भी विशेष पहचान रखता है। गौ-अभयारण्य सालरिया एवं जिले की अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की समुचित देखभाल की जा रही है। सरकार प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन के मान से गौवंश की देखभाल के लिए गौशालाओं को राशि प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने गौपालन पुरस्कार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि गौपालन को बढ़ावा देने के लिए गौपालन पुरस्कार योजना के तहत अच्छे पशुपालकों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रत्येक विकास खंड से प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले पशुपालक को एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 50 हजार एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की राशि पशुपालक को प्रदान की जाएगी।







