अनोखा तीर, हरदा। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हरदा द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला जेल में बंदी भाइयों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राजयोग शिविर के चतुर्थ दिवस पर काल चक्र के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में बीके राजेश भाई ने काल चक्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय परिवर्तनशील है और जीवन में आने वाली परिस्थितियां भी सदैव एक जैसी नहीं रहतीं। ऐसे में मनुष्य को परिस्थितियों से निराश होने के बजाय अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करना चाहिए। बीके राजेश भाई ने कहा कि काल चक्र के आध्यात्मिक ज्ञान से मनुष्य को सृष्टि के परिवर्तन और समय के महत्व को समझने की प्रेरणा मिलती है। जीवन में बीता हुआ समय वापस नहीं आता, इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए अच्छे कर्म करना आवश्यक है। मनुष्य अपने संकल्पों और कर्मों से अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने बंदी भाइयों को प्रेरित करते हुए कहा कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर वर्तमान को श्रेष्ठ बनाना ही उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान मन को शांत, एकाग्र और शक्तिशाली बनाने का माध्यम है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक दिशा देने तथा क्रोध, तनाव, निराशा और नकारात्मक भावनाओं पर नियंत्रण रखने का प्रयास कर सकता है। उन्होंने बंदी भाइयों को आत्मचिंतन करने, अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने और जीवन में प्रेम, शांति, क्षमा एवं सद्भाव जैसे गुणों को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बंदी भाइयों को आध्यात्मिक ज्ञान से संबंधित ईश्वरीय साहित्य भी वितरित किया गया, ताकि वे अपने खाली समय का सदुपयोग स्वचिंतन और श्रेष्ठ विचारों के अध्ययन में कर सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी को राजयोग की गहन अनुभूति कराई गई। इस दौरान मन को शांत रखने और स्वयं को सकारात्मक संकल्पों से जोड़ने का अभ्यास कराया गया। राजयोग शिविर का उद्देश्य बंदी भाइयों में आध्यात्मिक जागृति उत्पन्न करना, उन्हें अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक लौटने की भावना को मजबूत करना है।
अतीत से सीख लेकर वर्तमान सुधारें, राजयोग शिविर में समझाया काल चक्र का रहस्य







