-गंजाल डेम को लेकर हुई बैठक
अनोखा तीर, रहटगांव। रहटगांव तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जवारधा के पास गंजाल नदी पर बनने वाले डेम को लेकर बोथी में अधिकारियों और ग्रामीणों की बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें टिमरनी जनपद सीईओ चेतना पाटिल, टिमरनी एसडीएम एआर चिरामन, टिमरनी तहसीलदार देवशंकर धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष अनिल वर्मा (लिबर्टी) सहित ग्राम पंचायत बोथी के पदाधिकारी मौजूद रहे। गंजाल मोरंड परियोजना के सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान बोथी एवं आसपास के कुछ ग्रामों के लोग भी मौजूद रहे, इस दौरान कुछ समस्याएं रखी गई जिस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि संबंधित शिकायतों का संबंधित अधिकारियों द्वारा जल्द निराकरण किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने मांग रखी कि हमें बांध नहीं चाहिए, इस बांध से हमारे जंगल जमीन पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, इस लिए विरोध करते हैं। संगठन के साथी अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले अनेक ग्रामसभा और रैली धरना प्रदर्शन के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराया गया है, और बैठक में भी विभिन्न मांगों को लेकर आवेदन दिया गया। जिसमें जिला पंचायत सदस्य जय कुमार उईके, जिंदगी बचाओ अभियान संगठन के कार्यकर्ता बकसराम, जगदीश देवड़ा, प्रेम कासर, लालसिंह काजले, धारासिंह कासदे, रमेश कासकर, रामप्रसाद काजले सहित ग्रामीण मौजूद थे। गौरतलब हे कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना जवारधा के पास गंजाल नदी पर प्रस्तावित बांध मोरंड-गंजाल संयुक्त सिंचाई परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परियोजना के माध्यम से मोरंड और गंजाल नदियों के जल का उपयोग कर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना से हरदा, नर्मदापुरम और खंडवा जिलों के 201 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी दी जा रही है। परियोजना के तहत लगभग 64,111 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रस्तावित है। बताया जाता है कि हरदा जिले के 144 गांव, खंडवा जिले के 49 गांव और नर्मदापुरम जिले के 8 गांव परियोजना के कमांड क्षेत्र में शामिल हैं। इसके साथ ही कमांड क्षेत्र के गांवों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान भी परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है। सिंचाई सुविधा मिलने से क्षेत्र के किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ने और खेती को बेहतर बनाने की उम्मीद है।




