अनोखा तीर, हरदा। जन्मदिन पर लोग खुशियां मनाते हैं, अपनों के साथ जश्न मनाते हैं और एक-दूसरे को उपहार देते हैं। लेकिन वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष दीपक नेमा और उनकी पत्नी एडवोकेट मंजू नेमा ने अपने 50वें जन्मदिन को मानवता की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। नेमा दंपती ने मृत्यु के बाद अपने उपयोगी अंगों का दान करने का निर्णय लेकर समाज के सामने एक प्रेरणादायी पहल प्रस्तुत की है। दीपक नेमा का जन्मदिन 25 अक्टूबर को है, जबकि उनकी पत्नी एडवोकेट मंजू नेमा का जन्मदिन 30 अक्टूबर को है। दोनों इस वर्ष अपने जीवन के 50वें पड़ाव पर पहुंचे हैं। इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए उन्होंने अंगदान का संकल्प लिया और इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भी भरा है। उन्होंने निर्णय लिया है कि मृत्यु के उपरांत उनके जो भी अंग चिकित्सा की दृष्टि से उपयोगी होंगे और दान के योग्य पाए जाएंगे, उन्हें जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने के लिए दान किया जा सकेगा। इस पहल पर दीपक नेमा ने कहा की अंगदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन मिल सकता है और किसी परिवार को अपनों के साथ जीने की नई उम्मीद मिल सकती है। जन्मदिन पर लिया गया यह संकल्प संदेश देता है कि खुशियां केवल अपने लिए मनाने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में उम्मीद जगाने में भी हैं। नेमा दंपती ने यह प्रेरणा दी है कि एक छोटा-सा संकल्प भी किसी के लिए जीवनदान का माध्यम बन सकता है। उनकी इस पहल से समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अन्य लोगों को भी इस दिशा में विचार करने की प्रेरणा मिलेगी।
50वें जन्मदिन पर नेमा दंपती की अनूठी पहल, अंगदान का लिया संकल्प

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