-ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल
-सड़क के लेवल से मेल नहीं खा रही मरम्मत, गुणवत्ता की जांच कौन करेगा?
अनोखा तीर, मसनगांव। नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर हरदा से छिपाबड़-आशापुर तक सड़क के गड्ढे भरने के लिए 19 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है, लेकिन मौके पर हो रहे काम को देखकर इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सड़क के भारी-भरकम गड्ढों से वाहन चालकों को राहत दिलाने के लिए शुरू किए गए कार्य में ठेकेदार द्वारा गड्ढों को व्यवस्थित तरीके से भरने के बजाय केवल ऊपरी लीपापोती किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
गड्ढे भरने के नाम पर औपचारिकता, वाहन चालकों को राहत नहीं
दो दिन पहले ग्राम के मुक्तिधाम से गांगला मार्ग तक सड़क के गड्ढे भरे गए। इसी तरह बारंगी के आसपास भी मरम्मत कार्य किया गया है। टुकड़ों में काम होने से एक साथ गड्ढों को भरने का काम नहीं हो रहा है, जबकि गड्ढों को भरकर सड़क को समतल करना जरूरी है ताकि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी न हो।
19 करोड़ का काम, फिर भी निगरानी पर सवाल
स्टेट हाईवे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए 19 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत कराई जा रही है। इतनी बड़ी राशि के कार्य में गुणवत्ता की निगरानी और निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
ठेकेदार के काम की जांच कर जवाबदेही तय करे विभाग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर काम का निरीक्षण करें। गड्ढों को भरने में अपनाई जा रही प्रक्रिया, सड़क का लेवल और कार्य की गुणवत्ता निर्धारित मापदंडों के अनुरूप है या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए।






