अनोखा तीर, हरदा। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, हरदा के ओम शांति भवन में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उनके अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरनारायण गुर्जर ने कहा कि वृद्धावस्था जीवन का वह पड़ाव है, जिसमें व्यक्ति के पास वर्षों का अनुभव, संघर्ष और जीवन की गहरी समझ होती है। वरिष्ठजनों का सम्मान करना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है। परिवार और समाज को उनके अनुभवों से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का प्रयास करना चाहिए। बीके भव्यता बहन ने कहा कि वृद्धावस्था जीवन का अवसान नहीं, बल्कि अनुभवों को समाज के साथ साझा करने और आध्यात्मिक रूप से स्वयं को सशक्त बनाने का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, सकारात्मक और प्रसन्न रखा जा सकता है। जब जीवन में परमात्मा का साथ और श्रेष्ठ चिंतन जुड़ जाता है, तो उम्र बढ़ने के साथ जीवन का गौरव भी बढ़ता है। बीके किरण बहन ने कहा कि परिवार में बुजुर्गों की उपस्थिति घर को संस्कारों और अनुभवों से समृद्ध बनाती है। उनके सम्मान, स्नेह और आत्मीयता से परिवार में सकारात्मक वातावरण बनता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वरिष्ठजनों को केवल सम्मान के अवसर पर ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में भी प्रेम, समय और सम्मान प्रदान करें। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठजनों का सम्मान बीके मीरा, बीके संगीता ने अभिनंदन किया गया तथा उन्हें सौगात भेंट कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम के दौरान वृद्धावस्था को बोझ नहीं, बल्कि अनुभव, गरिमा, आत्मसम्मान और आध्यात्मिक उन्नति का गौरवपूर्ण चरण बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, स्नेह और सहयोग की भावना को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का संचालन बीके राजेश ने किया।
गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन का संदेश लेकर मनाया वृद्ध दिवस

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