एसआईआर पर घमासान

-भाजपा जिलाध्यक्ष का कांग्रेस पर पलटवार
-राजेश वर्मा बोले- आयोग ने स्थिति साफ कर दी, अब आरोपों पर कांग्रेस दे जवाब

अनोखा तीर, हरदा।विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा है कि जब चुनाव आयोग खुद अपने निर्णय और प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट कर चुका है, तब भी उसी मुद्दे को लेकर भ्रम बनाए रखना उचित नहीं है। वर्मा ने कहा कि 26 सितंबर की बैठक के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि एसआईआर में नोटिस पाने वाले लोगों के दस्तावेज बीएलओ उनके घर जाकर ले सकते हैं और केवल अपवादात्मक परिस्थितियों में ही व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि फार्म ६ के साथ एसआईआर घोषणा-पत्र को लेकर भी आयोग ने अपना पक्ष सामने रखा है और बताया है कि इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है। साथ ही इसीनेट की कार्यप्रणाली और नियमों के अनुपालन की दोबारा जांच के लिए स्वतंत्र आईआईटी विशेषज्ञ को शामिल करते हुए समिति बनाने की जानकारी दी गई है।
अब कांग्रेस से सीधे सवाल
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस से पूछा कि यदि चुनाव आयोग ने एसआईआर पर अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट कर दिया है तो राहुल गांधी अपने आरोपों को लेकर आगे क्या आधार प्रस्तुत करेंगे? क्या कांग्रेस चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करती है? क्या वह अपने पूर्व आरोपों की समीक्षा करेगी? वर्मा ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट और राजनीतिक आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन सवालों के साथ तथ्य और प्रमाण भी जनता के सामने होने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में हर हार या विवाद का कारण चुनावी प्रक्रिया को बताने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने संगठन, नीतियों और जनता के बीच अपने काम का भी आत्ममंथन करना चाहिए। श्री वर्मा ने कहा कि चुनाव जनता के बीच जाकर काम और नीतियों के आधार पर जनसमर्थन हासिल करने से लड़े जाते हैं। संवैधानिक संस्थाओं के बारे में जनता के बीच अविश्वास की स्थिति पैदा करने के बजाय राजनीतिक दलों को तथ्य सामने रखने चाहिए।

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